दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की स्थिति: AQI 400 के पार
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का संकट
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। शुक्रवार की सुबह भी लोगों को जहरीली हवा से राहत नहीं मिली। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, सुबह का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) दिल्ली में 389 दर्ज किया गया, जो कि बहुत खराब श्रेणी में आता है। नोएडा का AQI 313 रहा, जबकि गुरुग्राम की हवा भी खराब श्रेणी में मानी गई।
दिल्ली के कुछ क्षेत्रों में स्थिति और भी चिंताजनक है, जहां प्रदूषण का स्तर 400 के पार पहुंच चुका है, जिसे गंभीर श्रेणी माना जाता है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारियों से ग्रसित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
दिल्ली के कुछ क्षेत्रों में AQI 400 के पार
दिल्ली के इन इलाकों में 400 के पार पहुंचा AQI:
रोहिणी: 473
पंजाबी बाग: 464
आरके पुरम: 441
अलीपुर: 435
सोनिया विहार: 435
ओखला फेज-2: 426
नॉर्थ कैंपस, डीयू: 424
आईटीओ: 420
नजफगढ़: 412
पूसा: 393
चांदनी चौक: 386
आनंद विहार: 350
लोधी रोड: 306
AQI के स्तर और स्वास्थ्य पर प्रभाव
कितना AQI खतरनाक माना जाता है?
CPCB के अनुसार, AQI के स्तर को इस प्रकार वर्गीकृत किया गया है: 0 से 50 तक अच्छा, 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बहुत खराब और 401 से 500 तक गंभीर श्रेणी में आता है।
जब AQI 400 के पार पहुंचता है, तो प्रदूषण का स्वास्थ्य पर प्रभाव तेजी से महसूस किया जा सकता है। इससे सूखी खांसी, गले में खराश, आंखों में जलन और सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। सीढ़ियां चढ़ने या थोड़ी दूर चलने पर भी सांस फूल सकती है। पहले से अस्थमा या फेफड़ों की समस्याओं से ग्रसित लोगों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
प्रदूषण से बचने के उपाय
प्रदूषण से बचने के लिए क्या करें?
विशेषज्ञों का सुझाव है कि जब प्रदूषण बढ़ता है, तो सुबह और शाम की सैर से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना आवश्यक हो, तो अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क पहनें। घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें और बाहर की हवा को आने से रोकने का प्रयास करें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यदि लगातार खांसी, सीने में जकड़न या सांस लेने में कठिनाई हो रही है, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से सलाह लें।