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दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच टकराव: 15 जवान हिरासत में

दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच एक गंभीर टकराव सामने आया है, जिसमें हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस के 15 जवानों को हिरासत में लिया। यह विवाद तब शुरू हुआ जब दिल्ली पुलिस ने इंडियन यूथ कांग्रेस के तीन सदस्यों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया। इस घटना के पीछे की कहानी और दोनों पुलिस बलों के बीच की बहस के बारे में जानें। क्या यह मामला और भी बढ़ेगा? जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
 

दिल्ली पुलिस के खिलाफ हिमाचल पुलिस की कार्रवाई


हिमाचल प्रदेश पुलिस ने बुधवार की रात को दिल्ली पुलिस के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के 15 अधिकारियों को चंडीगढ़-शिमला राजमार्ग पर शोघी पुलिस चौकी से हिरासत में लिया गया। यह कार्रवाई दोनों पुलिस बलों के बीच दिनभर चले तनाव और टकराव का परिणाम मानी जा रही है।


अपहरण का आरोप

हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया है कि उन्होंने तीन व्यक्तियों का अपहरण किया। ये तीनों व्यक्ति इंडियन यूथ कांग्रेस के सदस्य हैं, जिन्हें दिल्ली पुलिस अपने साथ ले जा रही थी। इस दौरान दोनों राज्यों की पुलिस के बीच बहस हुई, जिसके परिणामस्वरूप हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस के 15 जवानों को हिरासत में लिया।


स्थानीय अदालत में पेश करने का प्रयास

दिल्ली पुलिस ने इन तीनों व्यक्तियों को 20 फरवरी को दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान शर्टलेस विरोध प्रदर्शन से संबंधित मामले में पकड़ने का प्रयास किया था। इससे पहले, इसी मामले में आईवाईसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। चिब को इस प्रदर्शन का मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है।


हिमाचल पुलिस की कार्रवाई पर सवाल

दिल्ली पुलिस के एसीपी राहुल विक्रम ने तीनों संदिग्धों की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इनमें से दो लोग सीधे प्रदर्शन में शामिल थे, जबकि एक साजिश में लिप्त था। उन्होंने हिमाचल पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी टीम ने सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया है। दूसरी ओर, हिमाचल पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस की दो टीमें तीन आईवाईसी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लौट रही थीं, जब उन्हें शिमला बस स्टैंड और सोलन के धरमपुर में रोका गया। एसीपी विक्रम की टीम ने हिमाचल पुलिस की मनाही के बावजूद अदालत परिसर छोड़ दिया, जिसके बाद रात 8 बजे शोघी बैरियर पर उन्हें हिरासत में लिया गया।