दिल्ली के जंतर-मंतर पर सफाई अभियान तेज, 500 से अधिक कर्मी तैनात
सामान्य स्थिति की बहाली की प्रक्रिया
नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी (CJP) आंदोलन के समाप्त होने के बाद सामान्य स्थिति को बहाल करने का कार्य तेजी से चल रहा है। प्रदर्शनकारियों के शनिवार शाम को स्थल छोड़ने के बाद, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने सफाई अभियान शुरू किया। इस कार्य के लिए 500 से अधिक सफाईकर्मियों को विभिन्न शिफ्टों में तैनात किया गया है। एनडीएमसी का लक्ष्य है कि प्रदर्शन स्थल और उसके आस-पास के क्षेत्र को पहले जैसी स्थिति में लाया जाए। इस अभियान के तहत कचरा, निर्माण मलबा, टेंट, बैनर और अस्थायी ढांचों को हटाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सफाई का कार्य तब तक जारी रहेगा जब तक पूरा क्षेत्र साफ नहीं हो जाता।
सफाई अभियान का विस्तार
कई इलाकों में एक साथ चल रहा अभियान
एनडीएमसी के अधिकारियों के अनुसार, सफाई अभियान केवल जंतर-मंतर तक सीमित नहीं है। इसमें जंतर-मंतर रोड, टॉल्स्टॉय मार्ग, जय सिंह रोड, संसद मार्ग और कनॉट प्लेस के कुछ हिस्से भी शामिल हैं। आंदोलन के दौरान इन क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही बढ़ गई थी, जिससे काफी मात्रा में कचरा और अन्य सामग्री जमा हो गई थी।
सफाई कार्य में मशीनों का उपयोग
मशीनों और वाहनों की भी ली जा रही मदद
सफाई कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए एनडीएमसी ने ट्रकों, ऑटो-टिपर और आधुनिक सफाई मशीनों का उपयोग किया है। गोबलर मशीनों के साथ-साथ सिविल इंजीनियरिंग विभाग के अतिरिक्त कर्मचारियों को भी तैनात किया गया है, ताकि निर्माण मलबा, पत्थर और अन्य अवशेषों को जल्दी हटाया जा सके।
कचरे की मात्रा में वृद्धि
कई टन कचरा पहले ही हटाया जा चुका
एनडीएमसी का कहना है कि पिछले दो दिनों में प्रदर्शन स्थल और उसके आस-पास से कई टन मिश्रित कचरा हटाया जा चुका है। जैसे-जैसे आंदोलन आगे बढ़ा, कचरे की मात्रा भी बढ़ती गई। इसी कारण सफाई अभियान को तेज करने के लिए कर्मियों और मशीनों की संख्या बढ़ाई गई है, ताकि पूरा क्षेत्र जल्द सामान्य स्थिति में लौट सके।
प्रदर्शन समाप्त होने के बाद सफाई का आरंभ
प्रदर्शन खत्म होने के बाद शुरू हुआ अभियान
यह सफाई अभियान उस समय शुरू किया गया जब सीजेपी ने अपने सप्ताहभर चले आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की। प्रदर्शनकारियों ने शनिवार शाम को जंतर-मंतर खाली कर दिया, जिसके बाद एनडीएमसी ने तुरंत सफाई कार्य आरंभ किया। अधिकारियों का कहना है कि आंदोलन के दौरान उपयोग में लाई गई सभी अस्थायी व्यवस्थाओं को हटाकर पूरे क्षेत्र को पहले जैसा बनाया जाएगा।
आंदोलन की समाप्ति के कारण
इन मांगों के बाद खत्म हुआ आंदोलन
सीजेपी का आंदोलन परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहा था। यह आंदोलन तब समाप्त हुआ जब केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें स्वीकार कर लीं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद संगठन ने आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया, जिससे प्रशासन को जंतर-मंतर क्षेत्र को व्यवस्थित करने का अवसर मिला।