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दिल्ली में NEET-UG 2026 पेपर लीक पर छात्रों का प्रदर्शन और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

दिल्ली में NEET-UG 2026 पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने मामले की जांच की बात कही है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग का आरोप भी लगाया गया है। केजरीवाल ने छात्रों की रिहाई के लिए हेल्पलाइन शुरू की है। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने पथराव और तोड़फोड़ की घटनाओं का जिक्र किया है। राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, और जांच जारी है।
 

दिल्ली में छात्रों का विरोध प्रदर्शन


नई दिल्ली: NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन अब राजधानी दिल्ली में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बन गया है। आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने इस मामले में सरकार और दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि वे मामले की जांच कानून के अनुसार कर रहे हैं।


पुलिस पर बल प्रयोग का आरोप

जंतर-मंतर पर पहुंचे केजरीवाल ने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से संसद की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया, जिससे कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने बताया कि कुछ छात्रों को सिर में चोटें आईं और कई के हाथ-पैर टूट गए। केजरीवाल ने कहा कि छात्र केवल परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक को रोकने की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी आवाज़ को अनसुना किया गया।


गिरफ्तार छात्रों की स्थिति

Reached mandir marg police station. Not 11, but 17 youth have been arrested here. Now 6 are being taken to parliament PS. After getting 11 released, we will proceed to parliament PS to get the balance 6 also released.

In the meanwhile, 60 have been released from ashok vihar

— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) July 21, 2026



केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के बाद कई छात्रों को हिरासत में लिया गया और उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए। उन्होंने छात्रों और उनके परिवारों की सहायता के लिए एक हेल्पलाइन शुरू की है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से मिली जानकारी के आधार पर उन्होंने विभिन्न पुलिस थानों का दौरा किया और कई छात्रों की रिहाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया।


दिल्ली पुलिस का बयान

दिल्ली पुलिस ने इस घटनाक्रम को लेकर अपनी अलग स्थिति प्रस्तुत की है। पुलिस का कहना है कि संसद मार्च के दौरान कुछ स्थानों पर पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। इस संबंध में पांच एफआईआर दर्ज की गई हैं। अधिकारियों के अनुसार, झड़पों में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि लगभग 60 प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आईं। पुलिस इस मामले में 250 से अधिक वीडियो की जांच कर रही है।


राजनीतिक बयानबाजी और जांच

घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। केजरीवाल ने केंद्र सरकार से शिक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक को रोकने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या प्रदर्शन के लिए सोशल मीडिया का उपयोग किया गया था। फिलहाल, मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।