दिल्ली में नए साल के जश्न के दौरान सड़क सुरक्षा पर पुलिस की सख्ती
नई दिल्ली में सड़क सुरक्षा पर पुलिस की सक्रियता
नई दिल्ली: नए साल के उत्सव के दौरान, दिल्ली में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस ने अलर्ट मोड में काम किया। 31 दिसंबर की रात से 1 जनवरी की सुबह तक चलने वाले विशेष अभियान में, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नशे में गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, मुख्य सड़कों और आवासीय इलाकों में विशेष टीमें तैनात की गईं। पुलिस का उद्देश्य केवल नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति एक मजबूत संदेश देना था.
नए साल की रात के लिए विशेष ट्रैफिक अभियान
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नए साल की रात के लिए पहले से ही एक विशेष योजना बनाई थी। शहर की प्रमुख सड़कों, नाइटलाइफ हब और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभियान का मुख्य ध्यान नशे में गाड़ी चलाने, ओवरस्पीडिंग, खतरनाक बाइक स्टंट और अन्य जानलेवा उल्लंघनों पर था, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके.
868 चालान, नशे में ड्राइविंग पर कड़ी कार्रवाई
इस विशेष अभियान के दौरान, कुल 868 लोगों के खिलाफ नशे में गाड़ी चलाने के मामले में चालान जारी किए गए। पुलिस ने कई स्थानों पर ब्रीथ एनालाइजर का उपयोग करके जांच की। टीमें लगातार अपनी लोकेशन बदलती रहीं, ताकि वाहन चालक जांच से बच न सकें और हर क्षेत्र में सख्ती बनी रहे.
20,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती, कानून-व्यवस्था पर नजर
ट्रैफिक व्यवस्था के साथ-साथ, दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 20,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया। भीड़ नियंत्रण, सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी और आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला कंट्रोल रूम सक्रिय रहे। पुलिस का दावा है कि इस व्यापक तैनाती के कारण नए साल का जश्न शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ.
सीसीटीवी और कंट्रोल रूम से रियल-टाइम निगरानी
शहरभर में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भीड़ और ट्रैफिक मूवमेंट पर लगातार नजर रखी गई। विभिन्न जिलों के कंट्रोल रूम आपस में समन्वय बनाकर काम कर रहे थे। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अव्यवस्था की सूचना पर तुरंत पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया.
कनॉट प्लेस, हौज खास और एयरोसिटी पर विशेष ध्यान
पुलिस ने उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया, जहां नए साल की रात भारी भीड़ होती है। कनॉट प्लेस, हौज खास और एयरोसिटी जैसे स्थानों पर अतिरिक्त चेकिंग प्वाइंट बनाए गए। अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान केवल चालान काटने तक सीमित नहीं था, बल्कि नशे में गाड़ी चलाने के खिलाफ सख्त चेतावनी और रोकथाम का संदेश देना इसका मुख्य उद्देश्य था.