दिल्ली में बिजली बचत के लिए सरकार ने उठाए सख्त कदम
बिजली की खपत में वृद्धि
नई दिल्ली: दिल्ली में तापमान में वृद्धि के साथ बिजली की खपत में तेजी आई है, जो लगातार 8,000 मेगावाट के स्तर से ऊपर बनी हुई है। इस स्थिति को देखते हुए, दिल्ली सरकार ने सभी विभागों को बिजली के दुरुपयोग को रोकने और ऊर्जा-कुशल उपायों को अपनाने का निर्देश दिया है।
बिजली की मांग में वृद्धि
गर्मी बढ़ने के साथ, राजधानी में बिजली की मांग में भारी वृद्धि देखी गई है। पिछले एक सप्ताह से, अधिकतम बिजली की मांग 8,000 मेगावाट से ऊपर बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है, और 9,000 मेगावाट के स्तर को पार कर सकता है।
बचत के उपाय
बचत के लिए क्या-क्या किए गए उपाय?
दिल्ली सरकार ने सभी विभागों को बिजली की बर्बादी रोकने और ऊर्जा-कुशल उपायों को लागू करने के निर्देश दिए हैं। वैश्विक परिस्थितियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के मद्देनजर, सरकार ने ईंधन बचाने के लिए कई कदम उठाए हैं।
अन्य निर्देश
और क्या दिए गए निर्देश?
इन उपायों में ऊर्जा खर्च को कम करना, सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम नीति लागू करना, और सरकारी वाहनों के बजाय मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देना शामिल है। विभाग ने बिजली बचाने के लिए एक विशेष आदेश भी जारी किया है।
इस आदेश के तहत, सरकारी इमारतों में लाइटें केवल तभी जलाने का निर्देश दिया गया है जब उनकी आवश्यकता हो।
मास्टर स्विच का कार्य
कैसे काम करता है मास्टर स्विच?
मास्टर स्विच लगाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आवश्यकता न होने पर लाइटें और अन्य बिजली के उपकरण बंद किए जा सकें। इसके अलावा, विभागों को एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच बनाए रखने और कार्यालय समय के बाद सभी उपकरणों को बंद करने का निर्देश दिया गया है।