दिल्ली में भीषण आग से हड़कंप, जानमाल का कोई नुकसान नहीं
दिल्ली में आग का तांडव
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर एक गंभीर घटना हुई है, जहां शाहदरा क्षेत्र के फर्श बाजार थाना अंतर्गत भीषण आग लग गई। बिहारी कॉलोनी में रेलवे ट्रैक के पास स्थित एक पार्किंग में अचानक आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते, यह आग विकराल रूप धारण कर गई और वहां खड़ी गाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी।
इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि कैसे पार्किंग में खड़ी चमचमाती कारें आग के गोले में बदल गई हैं। आसमान में काले धुएं का गुबार फैल गया, जिससे आसपास के निवासियों में दहशत का माहौल बन गया। आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को गाड़ियों को हटाने का मौका तक नहीं मिला।
दमकल विभाग की तत्परता से आग पर काबू
दमकल विभाग की मुस्तैदी से आग पर पाया गया काबू
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग ने त्वरित कार्रवाई की। राहत और बचाव कार्य के लिए चार फायर टेंडर्स को तैनात किया गया। फायरफाइटर्स ने सूझबूझ और मेहनत से आग पर पूरी तरह काबू पाया और इसे रिहायशी इलाके में फैलने से रोक लिया।
दमकल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अनूप सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह हादसा एमसीडी की अधिकृत पार्किंग में हुआ है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, इस भीषण अग्निकांड में लगभग 10 कारें और दो स्कूटर पूरी तरह जलकर राख हो चुके हैं। गाड़ियों के मालिकों को इस हादसे में भारी नुकसान हुआ है, क्योंकि कई वाहन पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं।
जानमाल का कोई नुकसान नहीं
इस पूरे घटनाक्रम में राहत की बात यह रही कि इतनी भीषण आग लगने के बावजूद जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ। जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय पार्किंग क्षेत्र में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी भी नागरिक या दमकलकर्मी के हताहत या घायल होने की कोई खबर नहीं है, जो इस तबाही के बीच एक बड़ी तसल्ली की बात है।
आग लगने के कारणों की जांच जारी
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। दमकल अधिकारियों का कहना है कि उनका प्राथमिक उद्देश्य आग को पूरी तरह बुझाकर कूलिंग ऑपरेशन पूरा करना था। अब स्थिति नियंत्रण में आने के बाद स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम के सहयोग से मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। यह पता लगाया जाएगा कि यह हादसा शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ या इसके पीछे कोई अन्य लापरवाही थी।