दिल्ली में महिलाओं के लिए पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड की शुरुआत
महिलाओं के लिए नई पहल
दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को महिलाओं के लिए और अधिक सुरक्षित तथा सुलभ बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 2 मार्च को, पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड की शुरुआत की गई, जो दिल्ली की महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त और असीमित यात्रा की सुविधा प्रदान करेगा।
स्मार्ट कार्ड की विशेषताएँ
यह स्मार्ट कार्ड पुरानी पिंक पेपर टिकट प्रणाली का स्थान लेगा, जो केंद्र सरकार की वन नेशन, वन कार्ड योजना के तहत लाया गया था। अब महिलाओं को बस में यात्रा करते समय कंडक्टर से पेपर टिकट लेने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि वे बस में मौजूद मशीन पर इसे टैप करके आसानी से उपयोग कर सकेंगी।
इस कार्ड की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मुफ्त बस यात्रा के अलावा, इसे टॉप-अप करके दिल्ली मेट्रो, RRTS और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में भुगतान के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
कार्ड प्राप्त करने की प्रक्रिया
महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। दिल्ली में कुल 50 काउंटर स्थापित किए गए हैं, जहां से यह कार्ड मुफ्त में प्राप्त किया जा सकता है।
पात्रता: यह कार्ड विशेष रूप से दिल्ली की निवासी महिलाओं (जिनकी आयु 5 या 12 वर्ष से ऊपर है) और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए है।
जरूरी दस्तावेज: कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड, सक्रिय मोबाइल नंबर और दिल्ली का निवास प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। यह पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड लाभार्थी के आधार कार्ड और मोबाइल नंबर से लिंक किया जाएगा।
DTC की अपील
इस नई पहल के उद्घाटन पर, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह स्मार्ट कार्ड महिलाओं के लिए न केवल मुफ्त यात्रा, बल्कि सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा भी सुनिश्चित करेगा।
चूंकि यह योजना हाल ही में शुरू हुई है, DTC ने सभी महिलाओं से अनुरोध किया है कि वे कार्ड बनवाने के लिए काउंटरों पर भीड़ न लगाएं और धैर्य रखें। महिलाएं अपनी सुविधानुसार समय निकालकर कार्ड बनवा सकती हैं। DTC ने यह भी स्पष्ट किया है कि पिंक पेपर टिकट अभी भी वैध है, इसलिए बिना स्मार्ट कार्ड वाली महिलाओं को यात्रा में कोई परेशानी नहीं होगी।