दिल्ली में शिक्षा मंत्रालय की इमारत में आग, राजनीतिक विवाद बढ़ा
दिल्ली में आग की घटना
नई दिल्ली: दिल्ली में जहां एक ओर गर्मी का प्रकोप है, वहीं दूसरी ओर एक सरकारी इमारत में आग लगने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सोमवार सुबह, आईटीओ क्षेत्र में शिक्षा मंत्रालय से संबंधित 'स्कूल ऑफ प्लानिंग' की दूसरी मंजिल पर अचानक आग भड़क उठी।
आग लगने की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, आग मामूली थी और समय पर बुझा दी गई, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। शिक्षा मंत्रालय ने भी पुष्टि की कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ और न ही कोई संपत्ति का नुकसान हुआ।
राजनीतिक विवाद का जन्म
घटना का राजनीतिक पहलू
हालांकि आग पर तुरंत काबू पा लिया गया, लेकिन इस घटना ने राजनीतिक रंग ले लिया है। कई विपक्षी नेताओं ने इसे केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के ऑनलाइन स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम से जोड़ दिया है। इस साल, CBSE ने कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए OSM सिस्टम की शुरुआत की थी। परिणाम आने के बाद, छात्रों और अभिभावकों ने मूल्यांकन में गड़बड़ी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिससे पारदर्शिता की मांग उठ रही है।
आतिशी और पवन खेड़ा की प्रतिक्रियाएं
पूर्व सीएम आतिशी का सवाल
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस आग में CBSE OSM टेंडर प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी प्रभावित हो सकते हैं? उनके इस बयान ने रिकॉर्ड्स की सुरक्षा को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया है।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की टिप्पणी
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस पर चुटकी लेते हुए इसे एक संयोग बताया। उन्होंने कहा कि यह आग उसी समय लगी है जब देश के शिक्षा प्रणाली और परीक्षाओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरजेडी नेता मनोज झा ने भी चिंता व्यक्त की और कहा कि जब छात्रों के भविष्य को लेकर पहले से ही शिकायतें हैं, तो शिक्षा विभाग की इमारत में आग लगना स्वाभाविक रूप से संदेह पैदा करता है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।