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दिल्ली में संगीत शिक्षक की हत्या: शोर-शराबे के विवाद ने ली जान

दिल्ली के किलोकरि गांव में एक संगीत शिक्षक चोंगथम विक्रम सिंह की हत्या का मामला सामने आया है, जो शोर के विवाद के चलते हुआ। इस घटना ने पूर्वोत्तर समुदाय में आक्रोश पैदा कर दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। जानें इस दुखद घटना के पीछे की पूरी कहानी और समुदाय की प्रतिक्रिया।
 

दिल्ली के किलोकरि गांव में हुई दुखद घटना


दिल्ली के किलोकरि गांव में एक संगीत शिक्षक की हत्या का मामला सामने आया है, जो शोर और कथित हुड़दंग के कारण उत्पन्न विवाद का परिणाम है। मणिपुर के प्रसिद्ध संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह पर कुछ लोगों ने उनके घर के बाहर हमला किया, जिसके चलते उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद पूर्वोत्तर समुदाय ने न्याय की मांग की है।


शोर के खिलाफ उठी आवाज

पुलिस के अनुसार, 54 वर्षीय चोंगथम विक्रम सिंह दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के आश्रम क्षेत्र में रहते थे। उनके घर के सामने डिलीवरी कर्मचारियों और ढाबे से जुड़े लोगों की आवाजाही और शोर से वह परेशान थे। बताया गया है कि उन्होंने इस समस्या के बारे में कई बार शिकायत की थी। सोमवार को जब वह इस मुद्दे को लेकर बाहर आए, तो उनका विवाद कुछ लोगों से हो गया, जिसके बाद हाथापाई शुरू हो गई।


अस्पताल में हुई मौत

पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने सिंह पर मुक्कों और घूंसों से हमला किया। उनके बेटे याइफाबा ने उन्हें इलाज के लिए होली फैमिली अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी स्थिति बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस को 7 सितंबर को इस घटना की सूचना मिली थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है।


मणिपुर के संगीत क्षेत्र में पहचान

चोंगथम विक्रम सिंह केवल एक संगीत शिक्षक नहीं थे, बल्कि मणिपुर के वेस्टर्न म्यूजिक सर्किट में भी एक प्रसिद्ध नाम थे। उन्होंने अल्ट्रा वायर्स, फीनिक्स और ईस्टर्न डार्क जैसे बैंड्स के साथ गिटार बजाया। वह मशहूर मणिपुरी गायिका चोंगथम कमला के बड़े बेटे थे। उनकी मृत्यु की खबर के बाद, दिल्ली में रहने वाले पूर्वोत्तर समुदाय और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने शोक व्यक्त किया और हमले में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।


नस्लीय भेदभाव की आशंका

घटना के बाद कुछ समुदाय के सदस्यों ने यह आशंका जताई कि हमले के पीछे नस्लीय भेदभाव हो सकता है। नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स सोसाइटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी ने भी इस हमले की निंदा की और तेज और निष्पक्ष जांच की मांग की। हालांकि, पुलिस ने कहा है कि अभी तक हमले के पीछे किसी नस्लीय मकसद की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई तथ्यों के आधार पर की जाएगी।