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सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति: अस्पताल में भर्ती

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती किया गया है। उनकी पत्नी ने स्पष्ट किया है कि बिना सहमति के कोई दवा नहीं दी जानी चाहिए। वांगचुक ने NEET परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर भूख हड़ताल की थी। उनकी स्वास्थ्य स्थिति स्थिर है, लेकिन डॉक्टर उनकी निगरानी कर रहे हैं। जानें इस मामले में और क्या हो रहा है।
 

सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य अपडेट

सोनम वांगचुक स्वास्थ्य स्थिति: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती किया गया है। उनकी पत्नी, गीतांजलि जे अंग्मो, अस्पताल में उनके साथ हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि बिना परिवार, डॉक्टरों और वांगचुक की सहमति के उन्हें कोई भी दवा मौखिक या अंतःशिरा नहीं दी जानी चाहिए। गीतांजलि ने सोशल मीडिया पर साझा किया कि वह अपने पति की सेहत पर पूरी नजर रख रही हैं।

यह ध्यान देने योग्य है कि सोनम वांगचुक 28 जून से NEET परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर थे। 21 दिनों की भूख हड़ताल के कारण उनकी सेहत बिगड़ गई, जिसके बाद शनिवार को दिल्ली पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने बताया कि यह निर्णय डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश पर लिया गया।

I am at Safdarjung hospital in Delhi where @Wangchuk66 has been admitted. Nothing should be administered to him orally or intravenous without take consent from me, his family and his doctors who have been monitoring his health for the past 20 days.

— Gitanjali J Angmo (@GitanjaliAngmo) July 18, 2026


सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति:

अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि वांगचुक की स्थिति फिलहाल स्थिर है। उनके सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेत सामान्य हैं, हालांकि उनका रक्तचाप और रक्त शर्करा सामान्य से कम है। ECG रिपोर्ट भी सामान्य आई है। डॉक्टर उनकी लगातार निगरानी कर रहे हैं।


पुलिस की कार्रवाई:

जब वांगचुक को अस्पताल ले जाया जा रहा था, तब कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिससे थोड़ी देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। लेकिन पुलिस ने संयम से काम लेते हुए उन्हें अस्पताल पहुंचाया। सोनम वांगचुक NEET घोटाले और शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। उनकी भूख हड़ताल और अस्पताल में भर्ती होने का मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।