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सोनीपत: सतकुंभा उत्सव श्रद्धा, भक्ति और संस्कृति का महापर्व संपन्न

 




- सात दिनों तक शिव

स्तोत्र महायज्ञ और विश्व कल्याण की प्रार्थना

- सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

: धर्म और अध्यात्म का संगम बनी

सोनीपत, 26 फ़रवरी (हि.स.)। गन्नौर के खेड़ी गुज्जर में सात दिवसीय सतकुंभा उत्सव पूरे

धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ बुधवार को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर संपन्न हुआ। इस अद्वितीय

उत्सव में शिव स्तोत्र महायज्ञ, सांस्कृतिक और धार्मिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ महाकुंभ

अमृत स्नान, अनंत भंडारा और पूर्ण आहुति जैसे दिव्य कार्यक्रमों ने लाखों भक्तों को

आध्यात्मिक आनंद से सराबोर किया।

सिद्धपीठ तीर्थ सतकुंभा धाम के पीठाधीश्वर श्रीमहंत राजेश

स्वरुप महाराज ने सतकुंभा धाम के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह स्थान अत्यंत

पावन और ऐतिहासिक है। यहां सप्तऋषियों ने कठोर तपस्या की थी, जिसके कारण इसे सत अर्थात

सत्य परमात्मा का कुंभ कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस स्थान पर श्रद्धा, भक्ति

और समर्पण की त्रिवेणी में स्नान करने से व्यक्ति की काया निरोग होती है और मन शुद्ध

हो जाता है।

सात दिवसीय इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण शिव स्तोत्र महायज्ञ

रहा। हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से आए विद्वान वेदपाठियों ने वैदिक मंत्रोच्चारण

के साथ इस भव्य यज्ञ का आयोजन किया गया। इस महायज्ञ में हजारों श्रद्धालुओं ने लाखों

आहुतियां अर्पित कीं, जिससे न केवल वातावरण शुद्ध हुआ बल्कि विश्व कल्याण के लिए प्रार्थना

भी की गई। पीठाधीश्वर राजेश स्वरुप महाराज, श्री लज्जाराम आश्रम ट्रस्ट की उपाध्यक्ष

डॉ. कांता शर्मा, एडवोकेट शिवेंदू भारद्वाज, अंशु भारद्वाज और अनिल कुमार (चेयरमैन,

ब्लॉक समिति, गन्नौर) ने महायज्ञ में पूर्ण आहुति डाली।

सतकुंभा उत्सव के दौरान हरियाणा कला परिषद रोहतक मंडल के कलाकारों

ने हरियाणवी लोकनृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से धर्म और अध्यात्म का

संदेश दिया। प्रसिद्ध कलाकार अल्फ़ाज़ हरियाणवी और पप्पू आसन की प्रस्तुतियों ने दर्शकों

को मंत्रमुग्ध कर दिया। सतकुंभा विद्यालय के नन्हें कलाकारों ने भी अपने सांस्कृतिक

कार्यक्रमों से समां बांध दिया।

उत्सव के अंतिम दिन हजारों श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन

किया गया। पीठाधीश्वर श्रीमहंत राजेश स्वरुप महाराज ने सभी कलाकारों और दूर-दराज से

आए शिवभक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया। सतकुंभा धाम के प्रबंधक सूरज शास्त्री ने प्रबंध

समिति के सदस्यों, स्वयंसेवकों एवं गांव खेड़ी गुज्जर, अहीरमाजरा, बिलन्दपुर, नयाबांस,

खुबडू आदि के समस्त ग्रामवासियों का आभार व्यक्त किया। बाबा सत्यवान स्वरुप, आशीष वर्मा,

अमन शास्त्री, सोमवीर शास्त्री और प्रवेश कुमार, सुमित शास्त्री ने आयोजन में सक्रिय

भूमिका निभाई। इस भव्य और दिव्य उत्सव ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया

और सतकुंभा धाम के महत्व को एक बार फिरसेउजागरकिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना