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IAS दिव्या मित्तल ने राजनीति में कदम रखा, भाजपा पर साधा निशाना

दिव्या मित्तल, जिन्होंने हाल ही में IAS की नौकरी छोड़ दी थी, ने उत्तर प्रदेश में राजनीति में कदम रखने का ऐलान किया है। उन्होंने भाजपा नेताओं पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि वे किसी से डरने वाली नहीं हैं। दिव्या का उद्देश्य उन लोगों की आवाज बनना है जिनकी समस्याएं अनसुनी रह जाती हैं। जानें उनके नए राजनीतिक सफर के बारे में और कैसे वे राजनीति के तरीके को बदलने का इरादा रखती हैं।
 

दिव्या मित्तल का नया राजनीतिक सफर


नई दिल्ली: आईएएस की नौकरी छोड़ने के बाद चर्चा में आईं दिव्या मित्तल ने अपने राजनीतिक भविष्य का ऐलान कर दिया है। मंगलवार को उन्होंने स्पष्ट किया कि वे उत्तर प्रदेश में रहकर राजनीति में कदम रखेंगी। इस घोषणा के साथ ही उन्होंने भाजपा नेताओं पर सीधा निशाना साधा और कहा कि वे किसी से डरने वाली नहीं हैं।


आईएएस से इस्तीफे के बाद का सफर

दिव्या मित्तल, जो संतकबीरनगर, मिर्जापुर और देवरिया जैसे जिलों में डीएम रह चुकी हैं, ने पिछले महीने आईएएस पद से इस्तीफा दिया था। उन्हें देवरिया के डीएम पद से हटाकर राजस्व परिषद में सचिव बनाया गया था, जिसे उनके इस्तीफे का मुख्य कारण माना जा रहा है। कहा जा रहा था कि वे कुछ नया करना चाहती थीं, जिसके चलते उनके राजनीति में आने की अटकलें तेज हो गई थीं।


सोशल मीडिया पर दी जानकारी

एक वीडियो में दिव्या ने कहा कि लोगों के मन में उनके बारे में कई सवाल थे, लेकिन वे पहले खुद को मजबूत करना चाहती थीं। अब उन्होंने बताया है कि वे आगे क्या करेंगी और किसके साथ रहेंगी।


कुछ दिन पहले IAS से त्यागपत्र दिया था और आपके मन में कई सवाल छोड़ दिए थे। अपनी बात इस वीडियो में कह दी है। अगर आपको लगे कि ये आपकी भी बात है, तो 9198956957 पर whatsapp मैसेज करिए। pic.twitter.com/mtS6gzBzRw

— Divya Mittal (@divyamittal_IAS) September 29, 2026



राजनीति में बदलाव का संकल्प

दिव्या ने स्पष्ट किया कि वे राजनीति में इसलिए आ रही हैं ताकि उन लोगों की आवाज बन सकें जिनकी समस्याएं अनसुनी रह जाती हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें देश की आजादी के 80 साल का हिसाब लेना है। उनका उद्देश्य किसी नेता को बदलना नहीं, बल्कि राजनीति के तरीके को बदलना है। वे आम जनता के साथ खड़ी होकर राजनीति करेंगी।


भाजपा पर सीधा हमला

अपने संबोधन में दिव्या ने भाजपा का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके निशाने पर भाजपा स्पष्ट रूप से थी। भाजपा नेता प्रशांत उमराव ने आरोप लगाया था कि दिव्या ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद इस्तीफा दिया। इस पर दिव्या ने कहा कि यह एक झूठी बात थी और उनका मकसद उन्हें डराना था। उन्होंने कहा कि सवाल पूछने वाली महिलाओं को शुरुआत में ही डराने की कोशिश की जाती है, लेकिन वे डरने वाली नहीं हैं।