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Lenskart के नए ड्रेस कोड पर विवाद: क्या है असली मामला?

Lenskart का नया ड्रेस कोड विवादास्पद बन गया है, जब एक गाइडलाइन लीक हुई जिसमें कर्मचारियों के लिए धार्मिक प्रतीकों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता नाजिया खान ने स्टोर में जाकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे मामला और गरम हो गया। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है, जहां लोग समानता की मांग कर रहे हैं। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और इसके प्रभाव।
 

Lenskart का ड्रेस कोड विवाद


प्रसिद्ध आईवियर ब्रांड लेंसकार्ट हाल ही में अपने नए ड्रेस कोड नियमों के कारण विवादों में आ गया है। कंपनी की एक गाइडलाइन सोशल मीडिया पर लीक होने के बाद लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। यह मामला तब और बढ़ गया जब एक सामाजिक कार्यकर्ता ने स्टोर पर जाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद बहस और तेज हो गई है, और कई लोग इसे भेदभावपूर्ण मान रहे हैं।


सामाजिक कार्यकर्ता का विरोध

विवाद तब और बढ़ा जब सामाजिक कार्यकर्ता नाजिया खान लेंसकार्ट के एक शोरूम में पहुंचीं और कर्मचारियों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन किया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि उन्होंने स्टोर में मौजूद कर्मचारियों के माथे पर भगवा तिलक लगाया और स्टोर के मैनेजर से तीखे सवाल पूछे। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या इस तरह के नियमों के माध्यम से धार्मिक नियमों को लागू करने की कोशिश की जा रही है।


ड्रेस कोड के नए नियम

लेंसकार्ट की एक आंतरिक गाइडलाइन लीक होने के बाद यह विवाद शुरू हुआ। इस गाइडलाइन में कर्मचारियों के लिए कुछ विशेष नियम निर्धारित किए गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्मचारियों को तिलक लगाने, जनेऊ पहनने या बिंदी लगाने की अनुमति नहीं है। इसके अलावा, शादीशुदा महिलाओं को भी सीमित मात्रा में सिंदूर लगाने का निर्देश दिया गया है।


धार्मिक प्रतीकों पर विवाद

इस विवाद का एक बड़ा हिस्सा इस बात को लेकर है कि कुछ धार्मिक प्रतीकों पर रोक लगाई गई है, जबकि अन्य प्रतीकों को अनुमति दी गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्मचारियों को हिजाब पहनने की अनुमति है, लेकिन उसका रंग काला होना चाहिए। इसी तरह, पगड़ी पहनने की अनुमति भी है, लेकिन उसके लिए भी काले रंग की शर्त रखी गई है। इस असमानता के कारण लोगों ने कंपनी पर एक विशेष धर्म को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।


सोशल मीडिया पर विरोध

गाइडलाइन के लीक होने के बाद सोशल मीडिया पर कंपनी के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। कई यूजर्स ने इसे अनुचित बताते हुए कंपनी के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि सभी धर्मों के प्रतीकों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए, और किसी एक समुदाय को अलग तरीके से देखना सही नहीं है।


स्टाइल गाइड में अन्य निर्देश

कंपनी की स्टाइल गाइड में कई अन्य निर्देश भी शामिल हैं। इसमें लिखा गया है कि हिजाब और पगड़ी का रंग तय होगा और वह कंपनी के लोगो को ढकना नहीं चाहिए। इसके अलावा, तिलक, बिंदी, स्टिकर और मेहंदी लगाने पर भी सख्त नियम बनाए गए हैं। मेहंदी केवल विशेष अवसरों पर सीमित समय के लिए ही लगाई जा सकती है, वह भी अनुमति मिलने के बाद। अन्य नियमों में कर्मचारियों को टोपी या हैट न पहनने, बालों को ठीक रखने और टैटू छिपाने जैसे निर्देश भी दिए गए हैं।