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उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने को लेकर तनाव

उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के चलते शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने को लेकर तनाव उत्पन्न हो गया है। पुलिस और स्थानीय निवासियों के बीच झड़प के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग किया गया। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और प्रशासन की कार्रवाई के बारे में।
 

उज्जैन में तनाव की स्थिति


उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के चलते शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने को लेकर तनाव उत्पन्न हो गया है। मार्ग चौड़ीकरण के दौरान पुलिस और स्थानीय निवासियों के बीच झड़प हुई। जब भीड़ ने पथराव किया, तो पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग किया। इस मामले में अब तक 10 FIR दर्ज की गई हैं और पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।


मार्ग चौड़ीकरण का विवाद

उज्जैन मास्टर प्लान 2035 के तहत कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क को 15 मीटर चौड़ा करने का प्रस्ताव है। शाही मस्जिद का लगभग 10 फीट हिस्सा इस चौड़ीकरण में आ रहा है। इसी कारण प्रशासन ने सोमवार को कार्रवाई की। बातचीत के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग खुद बाधक हिस्सा हटाने के लिए तैयार हुए, लेकिन विरोध और नारेबाजी के चलते स्थिति बिगड़ गई।


पुलिस की कार्रवाई

कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने बैरिकेड्स को हटाने की कोशिश की और पुलिस पर पथराव किया। इस घटना में क्राइम ब्रांच की महिला टीआई पुष्पा पांचाल को चोटें आईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। घटना के बाद मुस्लिम समुदाय का एक हिस्सा आगर नाके पर इकट्ठा हो गया। पुलिस ने इस मामले में 10 FIR दर्ज की हैं और पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।


शांति की अपील

शहर काजी खलीर्कुरहमान ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मस्जिद से संबंधित मामला रात में बातचीत के जरिए सुलझा लिया गया है। उन्होंने लोगों से बिना वजह बाजार में न जाने और भीड़ का हिस्सा न बनने की सलाह दी। प्रशासन ने भी लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सूचनाओं पर ध्यान न देने की अपील की है।


सिंहस्थ से पहले सड़क चौड़ीकरण

कलेक्टर रोशन सिंह ने बताया कि सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए शहर में कई निर्माण कार्य चल रहे हैं। श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए मास्टर प्लान के अनुसार सड़कों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। यह मार्ग महाकालेश्वर मंदिर, गोपाल मंदिर और शिप्रा तट को जोड़ता है। प्रशासन के अनुसार, धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने को देखते हुए इस मार्ग को सुगम बनाना आवश्यक है।