☰
×

उज्जैन में शाही मस्जिद विवाद: सिंहस्थ-2028 की तैयारी में सड़क चौड़ीकरण का मुद्दा

उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के चलते शाही मस्जिद के आसपास विवाद बढ़ गया है। प्रशासन ने सड़क चौड़ीकरण की योजना बनाई है, जिसके तहत मस्जिद के एक हिस्से को हटाने का प्रस्ताव है। इस मुद्दे पर मुस्लिम समुदाय में मतभेद हैं, और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और प्रशासन की प्रतिक्रिया।
 

उज्जैन में विवादित सड़क चौड़ीकरण


उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के चलते शाही मस्जिद के आसपास विवाद गहरा गया है। यह विवाद गोपाल मंदिर क्षेत्र में स्थित मस्जिद से संबंधित है। प्रशासन ने कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक लगभग 900 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना बनाई है, जिसका उद्देश्य भविष्य में यातायात और श्रद्धालुओं की भीड़ को बेहतर तरीके से प्रबंधित करना है।


प्रशासन की योजना पर विरोध

सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की योजना के खिलाफ सोमवार को बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसके परिणामस्वरूप पथराव की घटनाएं हुईं। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का प्रयोग किया।


प्रशासन का दृष्टिकोण

प्रशासन का कहना है कि प्रस्तावित सड़क की सीमा में कई धार्मिक स्थल और अन्य संरचनाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर संबंधित लोगों की सहमति से बदलाव किए गए हैं, लेकिन शाही मस्जिद के उस हिस्से को लेकर विवाद बना हुआ है, जो सड़क चौड़ीकरण की योजना में आ रहा है।


मुस्लिम समुदाय में विभाजन

मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के मुद्दे पर मुस्लिम समुदाय में भी मतभेद हैं। एक समूह सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रभावित हिस्से को हटाने के पक्ष में है, जबकि दूसरा इसका विरोध कर रहा है। रविवार रात से ही स्थानीय लोग और मुस्लिम समुदाय के सदस्य मस्जिद के आसपास एकत्र होने लगे थे।


स्थिति की संवेदनशीलता

पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने स्थिति को शांत करने के लिए बातचीत की कोशिश की। पुलिस ने कहा कि वे तत्काल कार्रवाई के बजाय संवाद के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास कर रहे थे। सोमवार सुबह भी भीड़ जमा रही, और स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया।


सड़क चौड़ीकरण का कारण

प्रशासन की योजना के अनुसार, कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क को चौड़ा किया जाना है। सिंहस्थ-2028 के दौरान उज्जैन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। इसी सड़क की सीमा में शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा आने के कारण विवाद उत्पन्न हुआ है।