छह साल के बच्चे को मिला फॉर्च्यूनर कार का तोहफा, किस्मत ने बदली कहानी
बुरहानपुर में लकी ड्रॉ से बदली किस्मत
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर से एक दिलचस्प घटना सामने आई है, जहां एक छोटे से लकी ड्रॉ कूपन ने छह साल के मेदांश रायकवार की किस्मत बदल दी। गरबा कार्यक्रम के दौरान मात्र ₹200 में खरीदे गए इस कूपन ने उसे फॉर्च्यूनर कार का मालिक बना दिया। यह कूपन मेदांश की दादी ने लगभग एक साल पहले उसके नाम पर खरीदा था। जब लकी ड्रॉ में मेदांश का नाम निकला, तो परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।
कूपन का नामकरण और परिवार की खुशी
मेदांश रायकवार, जो बुरहानपुर के सीलमपुरा का निवासी है, को श्री सरकार धाम आभापुरी के लकी ड्रॉ में पहला पुरस्कार मिला। परिवार के अनुसार, मेदांश की दादी किरण रायकवार ने गरबा कार्यक्रम में भाग लेते समय कूपन खरीदा था और उस पर अपने पोते का नाम लिखा था। उन्हें यह नहीं पता था कि यह कूपन उनके परिवार के लिए इतनी बड़ी खुशी लेकर आएगा।
ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत
फॉर्च्यूनर कार मिलने के बाद मेदांश का भव्य स्वागत किया गया, जिसमें ढोल-नगाड़ों की धुन गूंज रही थी। परिवार ने कार की पूजा की और भगवान का आशीर्वाद लिया। इस मौके पर परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों ने मेदांश को बधाई दी। कार के साथ मेदांश का स्वागत किसी बड़े उत्सव से कम नहीं था।
किस्मत का खेल
परिवार के अनुसार, यह कूपन गरबा कार्यक्रम के दौरान खरीदा गया था, और लकी ड्रॉ का परिणाम बाद में आया। एक साल बाद मेदांश के नाम फॉर्च्यूनर कार का पहला पुरस्कार निकलने से परिवार बेहद खुश है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि किस्मत कब और किस रूप में दस्तक दे, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। मेदांश के लिए यह ₹200 का कूपन एक यादगार पल बन गया है, जिसे परिवार लंबे समय तक याद रखेगा।