मध्य प्रदेश में जहरीली शराब का मामला: अवैध कारोबार पर उठे सवाल
सागर जिले में जहरीली शराब की घटना
मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब से संबंधित एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने अवैध शराब के व्यापार को लेकर कई चिंताएं पैदा कर दी हैं। बंडा तहसील के निवासियों का कहना है कि शराब माफिया पुरानी बोतलों पर नई तारीखें लिखकर एक्सपायर शराब बेच रहे थे। इस घटना में लगभग 30 लोग अस्पताल में भर्ती हैं।
2020 की बोतल पर 2026 की तारीख का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बंडा क्षेत्र में लंबे समय से पुरानी और अवैध शराब की बिक्री हो रही थी। उनके अनुसार, शराब की पुरानी बोतलों पर पेन या मार्कर से नई तारीखें लिखी जाती थीं और फिर उन्हें बाजार में बेचा जाता था। ग्रामीणों का कहना है कि 2020-21 में बनी शराब की बोतलों पर 2026 की तारीख अंकित कर बिक्री की गई। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी। इस बीच, प्रशासन मामले की जांच कर रहा है और जहरीली शराब पीने से प्रभावित लोगों का इलाज जारी है।
नशामुक्ति संगठन का गठन
ग्रामीणों के अनुसार, बंडा क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ आवाज उठाने के लिए बमूरा खेड़ा गांव के युवाओं ने एक नशामुक्ति संगठन बनाया था। यह संगठन गांवों में शराब की बिक्री और सेवन को रोकने के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने का प्रयास करता था। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि इसके बावजूद अवैध कारोबार पूरी तरह से समाप्त नहीं हो सका। उन्होंने स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं, लेकिन इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जहरीली शराब कांड के बाद इन दावों ने पूरे मामले की जांच और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उमंग सिंघार के गंभीर आरोप
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पीड़ित परिवारों से मिलने के दौरान ग्रामीणों द्वारा बताई गई पुरानी शराब की तारीख बदलने की बात को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक्सपायर शराब को नई तारीख के साथ बेचा जा रहा था और इस पूरे नेटवर्क में शासन-प्रशासन की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। कांग्रेस विधायक दल ने इस घटना में प्रभावित परिवारों के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। प्रशासन ने अब तक 11 मौतों की पुष्टि की है, जबकि ग्रामीणों और अन्य रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 14 तक बताई जा रही है।
ललितपुर से जुड़ा नकली शराब का नेटवर्क
पुलिस और प्रशासन की जांच में यह सामने आया है कि नकली शराब की सप्लाई उत्तर प्रदेश के ललितपुर से सागर क्षेत्र तक पहुंच रही थी। जांच में एक ऐसे नेटवर्क का पता चला है, जिसमें नकली रैपर, ढक्कन और फर्जी क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया जाता था। ललितपुर में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद जांच एजेंसियों को इस नेटवर्क से जुड़े सुराग मिले हैं। बताया गया कि शराब बांदरी, बरोदिया नौराज, बराज और घुघर जैसे कई गांवों तक पहुंचाई जाती थी। फिलहाल, पुलिस की जांच जारी है और अवैध शराब की सप्लाई चेन से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।