मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहें निराधार, अधिकारियों का बयान
भोपाल में अफवाहों का खंडन
भोपाल: मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में सोशल मीडिया पर पेट्रोल और डीजल की कमी की झूठी खबरें तेजी से फैल गईं। 24 मार्च को कुछ पेट्रोल पंपों पर भीड़ देखकर लोग चिंतित हो गए और ईंधन भरने के लिए लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, जिला आपूर्ति अधिकारियों ने इन अफवाहों को खारिज करते हुए बताया कि पूरे प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त भंडार है। उन्होंने जनता से अनुरोध किया कि वे जरूरत से अधिक ईंधन न भरें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
आगर और शाजापुर की स्थिति
आगर जिले के जिला आपूर्ति अधिकारी नारायण सिंह मुवेल ने जानकारी दी कि यहां 1.80 लाख लीटर पेट्रोल और 1.50 लाख लीटर डीजल उपलब्ध है, जो अगले 45 दिनों के लिए पर्याप्त है। शाजापुर में पांच पेट्रोल पंप हैं, लेकिन तीन पर आपूर्ति रोक दी गई है। फिर भी, जिला सहायक खाद्य अधिकारी देवेंद्र प्रभाप ने बताया कि यहां 9 लाख लीटर पेट्रोल और 16 लाख लीटर डीजल का भंडार है।
मंदसौर और उज्जैन में प्रशासनिक उपाय
मंदसौर में अफवाहों को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त नियम लागू किए हैं। दोपहिया वाहनों को अधिकतम दो लीटर और चारपहिया को 20 लीटर ईंधन दिया जाएगा। जिला आपूर्ति अधिकारी एसएन चंद्रावत ने बताया कि जिले में 15 लाख लीटर पेट्रोल और 19 लाख लीटर डीजल उपलब्ध है। उज्जैन में जिला आपूर्ति नियंत्रक शालू वर्मा ने कहा कि यहां 16 हजार किलोलीटर पेट्रोल और 25 हजार किलोलीटर डीजल का भंडार है, जो काफी अधिक है।
राजगढ़, अलीराजपुर और झाबुआ में ईंधन की उपलब्धता
राजगढ़ जिले में 155 पेट्रोल पंपों पर 7.75 लाख लीटर पेट्रोल और 12.46 लाख लीटर डीजल उपलब्ध है। जिला आपूर्ति अधिकारी अजित कुमार सिंह ने किसी भी कमी से इनकार किया। अलीराजपुर में जिला आपूर्ति अधिकारी तपिश पांडे ने बताया कि यहां 1 लाख लीटर पेट्रोल और 1.50 लाख लीटर डीजल है। झाबुआ के जिला आपूर्ति अधिकारी संजय पाटिल ने भी कहा कि जिले में कई दिनों का ईंधन उपलब्ध है और नियमित आपूर्ति हो रही है।
अफवाहों का कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि 24 मार्च को सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर फैली गलत सूचनाओं ने इस घबराहट को उत्पन्न किया। कुछ पेट्रोल पंपों पर भीड़ की वीडियो वायरल होने से लोगों में यह धारणा बनी कि संकट आ गया है। वास्तव में, मध्य प्रदेश के किसी भी जिले में पेट्रोल या डीजल की कमी नहीं है। कई जिलों में तो कई हफ्तों तक चलने लायक स्टॉक मौजूद है।