मध्य प्रदेश में भीषण सड़क हादसा: पांच की मौत, 20 से अधिक घायल
रायसेन में दर्दनाक सड़क दुर्घटना
रायसेन: मध्य प्रदेश के रायसेन-भोपाल मार्ग पर शुक्रवार सुबह एक गंभीर सड़क दुर्घटना ने कई परिवारों को दुखी कर दिया। बिलखिरिया के निकट हुई इस घटना में पांच यात्रियों की जान चली गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह हादसा तब हुआ जब दो यात्री बसें आमने-सामने टकरा गईं। टक्कर इतनी भयंकर थी कि एक बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से नष्ट हो गया और वह पास की पुलिया से टकरा गई।
जानकारी के अनुसार, एक बस रायसेन से भोपाल की ओर जा रही थी, जबकि दूसरी बस भोपाल से सागर जिले के केसली के लिए निकली थी। सुबह लगभग 11:30 बजे बिलखिरिया के पास दोनों बसें आमने-सामने आ गईं और तेज गति के कारण भीषण टक्कर हो गई। हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
वहां मौजूद लोगों ने क्या बताया?
स्थानीय लोगों ने बताया कि टक्कर के बाद बसों में सवार यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। कई यात्री सीटों और बस के क्षतिग्रस्त हिस्सों में फंस गए। कुछ को गंभीर चोटें आईं, जबकि अन्य को हल्की चोटें आईं। स्थानीय निवासियों ने सबसे पहले राहत कार्य शुरू किया और पुलिस तथा प्रशासन को सूचित किया।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
पुलिस ने क्या लिया एक्शन?
सूचना मिलने पर पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे। बचावकर्मियों ने बसों में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और एंबुलेंस के माध्यम से घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों का इलाज जारी है। प्रशासन ने घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
सड़क की स्थिति और प्रशासनिक निर्देश
रायसेन कलेक्टर ने क्या दिए निर्देश?
घटना की जानकारी मिलते ही रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा घटनास्थल की ओर रवाना हो गए। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन की निगरानी में राहत कार्य जारी रहा।
बताया जा रहा है कि नेशनल हाईवे 146 का यह हिस्सा सिंगल लेन है और यहां भारी यातायात का दबाव बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण और यातायात प्रबंधन की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।