राहुल गांधी ने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों पर उठाए सवाल
राहुल गांधी का इंदौर पर हमला
नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई दुखद घटनाओं के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। इस घटना में भागीरथपुरा क्षेत्र में कम से कम 10 लोगों की जान चली गई, जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया। यह शर्मनाक स्थिति उस शहर के लिए है, जिसे स्वच्छता के लिए जाना जाता है।
'X' पर पोस्ट के जरिए किया हमला
राहुल गांधी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि "साफ पानी कोई एहसान नहीं है" और उन्होंने "डबल-इंजन सरकार" के लापरवाह नेतृत्व को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "इंदौर में पानी नहीं, बल्कि ज़हर बांटा गया और प्रशासन सोता रहा। हर घर में मातम है, गरीब बेबस हैं, और बीजेपी नेताओं के घमंडी बयान सामने आ रहे हैं।"
गंदे पानी की शिकायतें अनसुनी
उन्होंने आगे कहा कि, "लोगों ने बार-बार गंदे और बदबूदार पानी के बारे में शिकायत की, फिर भी कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई? सीवेज पानी में कैसे मिल गया? समय पर सप्लाई बंद क्यों नहीं की गई? जिम्मेदार अधिकारियों और नेताओं के खिलाफ कब कार्रवाई होगी? ये सवाल जवाबदेही की मांग करते हैं।"
साफ पानी का अधिकार
राहुल ने कहा कि साफ पानी जीने का अधिकार है और इस अधिकार की हत्या के लिए बीजेपी की डबल-इंजन सरकार और उसके लापरवाह प्रशासन को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया।
कुशासन का केंद्र मध्य प्रदेश
राहुल ने मध्य प्रदेश को कुशासन का केंद्र बताते हुए कहा कि एक ओर जहां कफ सिरप से मौतें हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी अस्पतालों में चूहों के कारण बच्चे जान गंवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के सबसे स्वच्छ शहर में सीवेज के पानी से कई मौतें हो गई हैं। उनका कहना है कि जब गरीबों की जान जाती है, तो मोदी चुप रहते हैं।