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सिंगरौली का 'चोरों का गांव': चोरी के आरोपों का सामना कर रहे निवासी

मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में एक ऐसा गांव है, जहां हर तीसरे निवासी पर चोरी का आरोप है। स्थानीय लोग इसे 'चोरों का गांव' कहते हैं। इस समस्या के पीछे रोजगार की कमी और कानून व्यवस्था की कमजोरी बताई जा रही है। गांव के निवासी रामशंकर बसोर ने कहा कि यह प्रथा शर्मिंदगी का कारण बनती है, लेकिन सभी लोग इसमें शामिल नहीं हैं। जानें इस गांव की स्थिति और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

सिंगरौली में चोरी के आरोपों का सामना करने वाला गांव


सिंगरौली: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में एक ऐसा गांव है, जहां हर तीसरे व्यक्ति पर चोरी का आरोप है। इसे स्थानीय भाषा में 'चोरों का गांव' कहा जाता है। निवासियों का मानना है कि इस समस्या की जड़ में रोजगार की कमी और कानून व्यवस्था की कमजोरी है।


लमिडाह गांव की स्थिति

लमिडाह गांव, जो सिंगरौली जिले में स्थित है, में लगभग 600 पंजीकृत मतदाता हैं और यह जमगाड़ी पंचायत के अंतर्गत आता है। यहां 300 वयस्क पुरुष हैं, जिनमें से 94 पर चोरी, सेंधमारी और अनधिकृत प्रवेश के आरोप हैं। ये मामले स्थानीय पुलिस थानों में दर्ज हैं और पुलिस इन पर नजर रखती है।


पुलिस की निगरानी प्रणाली

कैसे रखते हैं पुलिस वाहनों पर नजर?


गांव के लोग अन्य जिलों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए भी संदिग्ध हैं। हाल ही में, पुलिस ने पड़ोसी जिले सीधी में चोरी के मामलों की जांच के लिए यहां एक तलाशी अभियान चलाया था। आरोपी लोग पुलिस वाहनों पर नजर रखने के लिए अस्थायी निगरानी टावर भी बनाते हैं।


गांव के निवासियों की राय

गांव के निवासी ने क्या बताया?


गांव के निवासी रामशंकर बसोर ने कहा, 'यह प्रथा बहुत समय से चली आ रही है और इससे हमें शर्मिंदगी होती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर कोई इसमें शामिल है। हमारे गांव में कई शिक्षित युवा हैं जो अच्छे पदों पर कार्यरत हैं।' उन्होंने बताया कि लमिडाह में कम से कम 10 इंजीनियर और कई सरकारी स्कूल शिक्षक हैं। रामशंकर खुद एक कॉमन सर्विस सेंटर चलाते हैं और उनकी पत्नी ग्राम परिषद की सदस्य हैं।


उन्होंने यह भी कहा कि जब पढ़े-लिखे लोग आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों को समझाने की कोशिश करते हैं, तो वे अक्सर नाराज हो जाते हैं और दुश्मनी पाल लेते हैं।


स्थानीय पंचायत का दृष्टिकोण

जमगाड़ी पंचायत के सरपंच ने क्या कहा?


जमगाड़ी पंचायत के सरपंच कृष्ण राम वैश्य ने कहा कि अब लोग अपने इलाके में चोरी करने से बचते हैं और दूसरे राज्यों में जाकर चोरी करते हैं। कुछ लोग साधु का भेष भी धारण कर लेते हैं।


सिंगरौली के पुलिस अधीक्षक (SP) मोहम्मद यूसुफ कुरैशी ने कहा, 'हम इस गांव के आरोपियों का आपराधिक इतिहास एकत्र कर रहे हैं और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए अन्य जिलों से उनके रिकॉर्ड मंगवा रहे हैं।'