NEET परीक्षा में सुधार की मांग: CJP ने जे.पी. नड्डा से की मुलाकात
नई दिल्ली में CJP की महत्वपूर्ण बैठक
नई दिल्ली: NEET परीक्षा में अनियमितताओं और सुधारों की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सदस्यों ने सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात की। यह बैठक लगभग 10 मिनट तक चली, जिसमें संगठन ने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। आइए जानते हैं कि वे तीन प्रमुख मांगें क्या हैं।
CJP की तीन प्रमुख मांगें
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बैठक में तीन मुख्य मांगें प्रस्तुत कीं। पहली मांग थी सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई। इसके अलावा, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NEET से संबंधित आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग भी की गई। हालांकि, सरकार की ओर से इन मांगों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
सोनम वांगचुक का समर्थन
आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 AM से ही हमारी बातचीत जारी है।
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) July 20, 2026
सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई। उनके डेलीगेशन के साथ विस्तार से पहले मौखिक चर्चा हुई और उनके द्वारा लगभग 4 बजे मुझे लिखित याचिका दी गई।
मैंने… pic.twitter.com/HLCl20RBSp
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में एक संदेश जारी किया है। उन्होंने आंदोलन को जारी रखने की अपील की है और शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया है।
जंतर-मंतर पर स्थिति तनावपूर्ण
बैठक के बाद जंतर-मंतर पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की खबरें आईं। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कोशिश की। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए थे।
दिल्ली | CJP के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा को अपना ज्ञापन सौंपा। pic.twitter.com/K09ywal4HN
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 20, 2026
रिपोर्ट्स के अनुसार, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के जंतर-मंतर पहुंचने के बाद भीड़ बढ़ गई, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। इस दौरान कुछ स्थानों पर धक्का-मुक्की और पत्थरबाजी की भी सूचना मिली।
दिल्ली पुलिस का बयान
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज या बल प्रयोग के आरोपों से इनकार किया है। समाचार एजेंसी के अनुसार, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए, लेकिन किसी प्रकार की अत्यधिक बल प्रयोग की कार्रवाई नहीं की गई।
सोनम वांगचुक ने अपने अनशन को समाप्त करने के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था में सामने आई समस्याओं और पेपर लीक जैसे मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करती है, तो वह अपना अनशन समाप्त करने पर विचार कर सकते हैं। अब आंदोलन के अगले चरण और सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।