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LPU में छात्र विरोध: सोशल मीडिया अफवाहों से शुरू हुई हिंसा

फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में सोशल मीडिया पर फैली एक अफवाह के चलते छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले लिया। यह घटना 26-27 सितंबर की रात को शुरू हुई और इसके बाद तोड़फोड़, आगजनी और हाईवे जाम जैसी घटनाएं हुईं। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है, जिसमें यह पता लगाया जा रहा है कि यह अफवाह कहां से शुरू हुई। जानें इस मामले में क्या हो रहा है और छात्रों की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
 

LPU में छात्र विरोध की शुरुआत


फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में सोशल मीडिया पर फैली एक अनाम सूचना के चलते छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब पुलिस जांच का विषय बन गया है। यह विरोध 26 और 27 सितंबर की रात से शुरू हुआ और इसके बाद हिंसा, तोड़फोड़, आगजनी और हाईवे जाम जैसी घटनाएं हुईं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह सूचना कहां से आई और कैसे इतनी तेजी से पूरे कैंपस में फैली।


Reddit पर फैला कथित संदेश

पुलिस को एक ऐसा संदेश मिला है जो हिंसा से पहले Reddit पर प्रसारित हुआ था। इस संदेश का दावा है कि यह LPU के एक गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े छात्रों तक पहुंचा और इसके बाद इसे कैंपस में साझा किया गया। कथित संदेश में एक छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न और उसकी आत्महत्या का उल्लेख किया गया था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। हालिया रिपोर्टों में भी सोशल मीडिया पर चल रही जानकारियों को अपुष्ट बताया गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।


पुलिस जांच में जुटी

जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह संदेश सबसे पहले किसने बनाया और इसे Reddit या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसने साझा किया। रिपोर्टों के अनुसार, साइबर जांच के माध्यम से संदेश से जुड़े डिजिटल सबूतों और IP पते की जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। यदि जांच में यह पाया जाता है कि किसी ने जानबूझकर गलत जानकारी फैलाकर छात्रों को भड़काया, तो उसकी भूमिका भी जांच के दायरे में आएगी।


अफवाह से हिंसा तक का सफर

सोशल मीडिया पर वायरल दावों के बाद LPU कैंपस में छात्रों का विरोध शुरू हुआ, जो बाद में हिंसक रूप ले लिया। विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, वाहनों में आग लगाने और पुलिस के साथ टकराव की घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शन के दौरान जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय हाईवे भी प्रभावित हुआ। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विवादित सोशल मीडिया दावों के बाद विरोध प्रदर्शन और हिंसा बढ़ी, जिससे हाईवे लंबे समय तक बाधित रहा।