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अमृतसर में लापता बहनों की 18 घंटे में सुरक्षित बरामदगी

अमृतसर में दो बहनें अचानक लापता हो गईं, जिससे उनके परिवार में चिंता का माहौल बन गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तकनीकी सहायता का उपयोग किया और 18 घंटे के भीतर उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि बहनें अपने माता-पिता से नाराज होकर लुधियाना चली गई थीं। परिवार ने पुलिस की तत्परता की सराहना की और उन्हें सम्मानित किया। यह घटना पंजाब पुलिस पर उनके विश्वास को और मजबूत करती है।
 

अमृतसर में लापता बहनों की खोज


अमृतसर: अमृतसर में दो बहनों के अचानक लापता होने से उनके परिवार में चिंता का माहौल बन गया था। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और कई टीमों को जांच में लगाया। तकनीकी सहायता, कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने दोनों लड़कियों का पता लगाया। राहत की बात यह है कि दोनों सुरक्षित मिलीं और उन्हें उनके माता-पिता के पास लौटा दिया गया। इस कार्रवाई के बाद परिवार ने पुलिस का आभार व्यक्त किया।


पुलिस की तत्परता

बाबा दीप सिंह कॉलोनी से दोनों बहनों के लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। जांच का दायरा अमृतसर से बाहर तक बढ़ाया गया ताकि लड़कियों का जल्द पता लगाया जा सके।


तकनीकी सहायता से मिली सफलता

पुलिस ने कॉल डिटेल्स, मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज का उपयोग किया। जांच के दौरान पता चला कि दोनों बहनें लुधियाना पहुंच गई हैं। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार, मामले में किसी प्रकार की आपराधिक गतिविधि नहीं पाई गई।


घर छोड़ने का कारण

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि दोनों बहनें अपने माता-पिता से किसी मामूली बात पर नाराज होकर घर छोड़कर लुधियाना चली गई थीं। वहां उन्होंने एक रात गुरुद्वारा साहिब में बिताई। बाद में पुलिस ने उन्हें खोजकर परिवार से मिलवा दिया।


परिवार का आभार

बेटियों के सुरक्षित मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। पिता पिंटू कुमार ने कहा कि पुलिस ने दिन-रात मेहनत कर बहुत कम समय में उनकी बेटियों को ढूंढ निकाला। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली की सराहना की और इसे भरोसा बढ़ाने वाला कदम बताया।


पुलिस टीम का सम्मान

परिवार के सदस्य थाना सदर पहुंचे और एसएचओ इंस्पेक्टर करनदीप सिंह समेत पूरी टीम को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने मिठाई खिलाकर अपनी खुशी साझा की। परिवार का कहना है कि इस घटना के बाद उनका पंजाब पुलिस पर भरोसा और मजबूत हुआ है और वे खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं।