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अमेरिकी जांच में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया का खतरनाक नेटवर्क

अमेरिकी जांच एजेंसियों ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया के संगठनों के बारे में गंभीर खुलासे किए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि ये गिरोह सोशल मीडिया के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को अपने जाल में फंसाते हैं। उन्हें पैसों और पहचान का लालच देकर हत्या, रंगदारी और ड्रग तस्करी जैसे अपराधों में शामिल किया जाता है। इस रिपोर्ट ने इन गैंगों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर नई बहस को जन्म दिया है। पंजाब पुलिस ने युवाओं को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
 

गैंगस्टर नेटवर्क पर अमेरिकी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट


भारत के प्रमुख गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया के संगठनों के बारे में अमेरिकी जांच एजेंसियों ने कई गंभीर खुलासे किए हैं। एफबीआई और अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों के अनुसार, ये गिरोह सोशल मीडिया के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं, नाबालिगों और महिलाओं को अपने जाल में फंसाते थे। उन्हें पैसे, पहचान और विदेश भेजने का लालच देकर हत्या, रंगदारी, ड्रग तस्करी और अन्य संगठित अपराधों में शामिल किया जाता था। इस रिपोर्ट ने इन गैंगों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और उनके कार्य करने के तरीकों पर नई बहस को जन्म दिया है।


सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं की भर्ती

एफबीआई की जांच से जुड़े दस्तावेजों में यह बताया गया है कि गैंग के सदस्य इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य ऑनलाइन प्लेटफार्मों के जरिए युवाओं से संपर्क करते थे। आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहे या कम पढ़े-लिखे युवाओं को आसान कमाई, सुरक्षा और पहचान का लालच देकर अपराध की दुनिया में धकेला जाता था। रिपोर्ट के अनुसार, हत्या जैसी वारदातों के लिए कुछ मामलों में केवल 20 हजार रुपये तक का भुगतान किया जाता था। इसके अलावा, भरोसेमंद सदस्यों को छात्र या वर्क वीजा दिलाने का लालच देकर अमेरिका और कनाडा भेजने का प्रयास भी किया जाता था, जिससे गैंग का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क मजबूत होता गया।


अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला अपराध का नेटवर्क

अमेरिकी अदालत में प्रस्तुत अभियोग पत्र के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई ने विभिन्न देशों में अपने सहयोगियों को नेटवर्क की जिम्मेदारी सौंपी थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तरी अमेरिका में गोल्डी बराड़ और यूरोप में रोहित गोदारा नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह गिरोह मादक पदार्थों की तस्करी, प्रतिद्वंद्वी गिरोहों से खेप लूटने और उससे अर्जित धन को भारत भेजने जैसी गतिविधियों में भी संलग्न था। दूसरी ओर, जग्गू भगवानपुरिया के नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों पर विदेशों में ड्रग्स की ढुलाई और उगाही में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं।


युवाओं की सुरक्षा के लिए बढ़ी जागरूकता

जांच दस्तावेजों में पंजाब पुलिस के एक पूर्व अधिकारी का नाम भी कथित तौर पर उगाही की साजिश से जुड़े आरोपों में सामने आया है। हालांकि, इस मामले में उनका पक्ष सार्वजनिक रूप से नहीं आया है। पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि विदेश में बैठे गैंगस्टर सोशल मीडिया के माध्यम से 18 से 30 वर्ष के युवाओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मामूली पैसों और नशे की लत का फायदा उठाकर युवाओं को अपराध की ओर धकेला जा रहा है। इसी खतरे को देखते हुए युवाओं को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि वे ऐसे संगठित अपराध नेटवर्क से दूर रह सकें।