आदमपुर फ्लाईओवर परियोजना को मिली नई गति, केंद्र को भेजा प्रस्ताव
आदमपुर फ्लाईओवर परियोजना में नई जान
जालंधर और होशियारपुर के बीच लंबे समय से अधूरी आदमपुर फ्लाईओवर परियोजना अब फिर से सक्रिय होती नजर आ रही है। पंजाब सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग के शेष निर्माण कार्य के लिए 257.32 करोड़ रुपये का विस्तृत अनुमान तैयार कर केंद्र सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा है। इस कदम से क्षेत्र के निवासियों में उम्मीद जगी है कि वर्षों से रुका निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित और सरल हो सकेगी।
केंद्र को भेजा गया विस्तृत प्रस्ताव
पंजाब सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग के किलोमीटर 11.400 से 29.200 तक चार लेन सड़क और पक्के शोल्डर के निर्माण के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया है। यह अनुमान राष्ट्रीय राजमार्ग सर्किल, अमृतसर के मुख्य अभियंता द्वारा तैयार किया गया है। अब इस पर अंतिम स्वीकृति केंद्र सरकार को देनी है।
मुख्यमंत्री ने उठाया था परियोजना का मुद्दा
आम आदमी पार्टी के नेता पवन टीनू ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जून में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात के दौरान इस परियोजना को प्राथमिकता देने की अपील की थी। उनका कहना है कि यह परियोजना क्षेत्र के विकास और लोगों की सुविधा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सालों से रुका है निर्माण कार्य
आदमपुर फ्लाईओवर परियोजना का निर्माण 2016 में शुरू हुआ था, लेकिन 2020 में काम पूरी तरह ठप हो गया। निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों के कारण ठेकेदार ने पुराने अनुबंध पर काम जारी रखने से मना कर दिया। इसके बाद परियोजना लगातार लंबित रही और लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
यातायात और सुरक्षा को मिलेगा लाभ
परियोजना के पूरा होने के बाद जालंधर और होशियारपुर के बीच यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुगम होने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार, उद्योग और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही क्षेत्र के निवासियों को लंबे समय से चली आ रही यातायात समस्याओं से राहत मिलेगी।
रणनीतिक दृष्टि से भी अहम है आदमपुर
आदमपुर केवल एक प्रमुख यातायात केंद्र नहीं है, बल्कि भारतीय वायुसेना के महत्वपूर्ण एयरबेस और नागरिक हवाई अड्डे के कारण भी इसका खास महत्व है। बड़ी संख्या में लोग यहां से हवाई यात्रा करते हैं। ऐसे में इस सड़क परियोजना के पूरा होने से रक्षा और नागरिक परिवहन, दोनों को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।