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गुरमीत सिंह मीत हेयर का भाजपा पर तीखा हमला, पंजाब में लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प

आम आदमी पार्टी के नेता गुरमीत सिंह मीत हेयर ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पार्टी पिछले 12 वर्षों से लोकतंत्र को कमजोर कर रही है। उन्होंने भाजपा की दमनकारी नीतियों और विपक्षी नेताओं को डराने के तरीकों की आलोचना की। मीत हेयर ने राघव चड्ढा के व्यवहार पर भी नाराजगी जताई और पंजाब में भाजपा के बढ़ते प्रभाव को चुनौती दी। जानें उनके विचार और पंजाब की राजनीति में उनके दृष्टिकोण के बारे में।
 

भाजपा के खिलाफ मीत हेयर की कड़ी प्रतिक्रिया


चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पिछले 12 वर्षों से भाजपा देशभर में लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।


उन्होंने कहा कि चुनावों के समय भाजपा विपक्षी नेताओं को ईडी और सीबीआई के माध्यम से डराने या लालच देकर अपनी पार्टी में शामिल करने का काम करती है। मीत हेयर ने यह भी कहा कि पंजाब की भूमि सिद्धांतों और संघर्ष की भूमि है, जहां भाजपा का यह 'वॉशिंग मशीन' मॉडल सफल नहीं होगा।


एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, मीत हेयर ने उदाहरण दिया कि असम में हेमंत विश्व शर्मा पर कांग्रेस में रहते हुए सीबीआई की कार्रवाई हुई, लेकिन भाजपा में शामिल होते ही वे साफ हो गए। इसी तरह, महाराष्ट्र में अजीत पवार पर कई मुकदमे दर्ज किए गए, लेकिन भाजपा में शामिल होते ही उन्हें डिप्टी सीएम बना दिया गया।


उन्होंने कहा कि संसद में भी यही स्थिति है। राहुल गांधी की कोर टीम के सदस्य रवनीत बिट्टू और ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा की अगली पंक्ति में हैं, जबकि भाजपा के पुराने कार्यकर्ता पीछे धकेल दिए गए हैं। पंजाब में भाजपा की स्थिति यह है कि वहां की बैठकों में पुराने भाजपाई कम और कांग्रेसी चेहरे अधिक दिखाई देते हैं।


मीत हेयर ने राघव चड्ढा के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस पार्टी ने एक आम युवा को पहचान दी, उसी पार्टी के कठिन समय में उनका साथ छोड़ना नैतिकता के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि जब केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह जेल में थे, तब राघव चड्ढा विदेश चले गए, जिससे यह संदेह होता है कि उनकी भाजपा के साथ कोई सांठगांठ थी।


उन्होंने कहा कि जब केजरीवाल जेल से बाहर आए, तब भी राघव चड्ढा ने कोई ट्वीट नहीं किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे अब भाजपा के इशारों पर चल रहे हैं।


पंजाब में हाल ही में आप नेताओं और राज्यसभा सांसद मित्तल और मंत्री संजीव अरोड़ा के घरों पर हुई छापेमारी को उन्होंने भाजपा की दमनकारी नीति का हिस्सा बताया। मीत हेयर ने कहा कि अमित शाह लगातार आप नेताओं को डराकर पार्टी तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।


उन्होंने कहा कि भाजपा यह भूल रही है कि आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध हैं। दिल्ली में भी भाजपा ने प्रयास किए, लेकिन हमारे नेता झुके नहीं। सतेंद्र जैन और मनीष सिसोदिया को कई ऑफर दिए गए, लेकिन उन्होंने जेल जाना स्वीकार किया, पर भाजपा के आगे झुकने से इनकार कर दिया।


सांसद ने सुनील जाखड़ और रवनीत बिट्टू को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे पंजाब के इतिहास और सिखों के सिद्धांतों को समझते हैं। पंजाब वह कौम है जो सूखे पत्ते खाकर भी युद्ध लड़ना जानती है, लेकिन झुकना नहीं।


उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा जितना डराएगी, पंजाब में उसका उतना ही अधिक नुकसान होगा। 90% कुर्बानियां देने वाले पंजाबी जेलों और मुकदमों से नहीं डरते। भाजपा का यह एजेंडा अन्य राज्यों में चल सकता है, लेकिन पंजाब की स्थिति अलग है। जाखड़ और बिट्टू शायद कुर्सी के लालच या डर के मारे चुप हैं, लेकिन आने वाले समय में भाजपा को इस दमनकारी राजनीति का भारी खमियाजा भुगतना पड़ेगा।