चंडीगढ़ में नए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का प्रस्ताव
चंडीगढ़ नगर निगम का नया ड्राफ्ट
चंडीगढ़: चंडीगढ़ नगर निगम ने स्वच्छता को और बेहतर बनाने के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट बायलॉज-2026 का मसौदा पेश किया है। इस प्रस्तावित नियम के तहत, शहर में निवासियों और अन्य कचरा उत्पादकों को कचरे को चार श्रेणियों में विभाजित करना अनिवार्य होगा। इनमें गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी कचरा और विशेष देखभाल वाला कचरा शामिल हैं।
सुझाव और आपत्तियों की मांग
नगर निगम ने इस ड्राफ्ट पर शहरवासियों से 15 दिनों के भीतर अपने सुझाव और आपत्तियां देने का अनुरोध किया है। नागरिक अपने विचार [swmbylawsmcc@gmail.com](mailto:swmbylawsmcc@gmail.com) पर ई-मेल के माध्यम से या एमओएच कार्यालय में जमा कर सकते हैं। यह ड्राफ्ट नगर निगम की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।
नए नियमों की विशेषताएं
क्या है नया नियम?
नए नियमों के अनुसार, अलग-अलग श्रेणी में रखा गया कचरा केवल अधिकृत कलेक्टर को सौंपा जा सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर 500 रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों के लिए भी चरणबद्ध जुर्माने का प्रावधान है।
जुर्माने की राशि
कितना लगेगा जुर्माना?
सार्वजनिक स्थान पर पहली बार कचरा फेंकने पर 500 रुपये, दूसरी बार 1,000 रुपये और इसके बाद हर उल्लंघन पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, खुले में कचरा जलाने पर पहली बार 5,000 रुपये, दूसरी बार 10,000 रुपये और इसके बाद 20,000 रुपये तक जुर्माना हो सकता है।
बल्क वेस्ट जनरेटर की परिभाषा
क्या है बल्क वेस्ट जनरेटर?
ड्राफ्ट में बल्क वेस्ट जनरेटर के लिए कड़े नियम भी प्रस्तावित किए गए हैं। प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले हाउसिंग सोसायटी, संस्थान, होटल, रेस्तरां, अस्पताल, बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान इस श्रेणी में आएंगे।
नगर निगम का उद्देश्य
क्या है नगर निगम का उद्देश्य?
नगर निगम का लक्ष्य कचरे के स्रोत पर पृथक्करण को बढ़ावा देना और शहर में वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन को मजबूत करना है। प्रस्तावित उपनियम लागू होने के बाद नियमों की अनदेखी करने वालों पर आर्थिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, नागरिकों की आपत्तियों और सुझावों का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद अंतिम नियमों पर निर्णय लिया जाएगा।