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चंडीगढ़ में मौसम में बदलाव: बारिश के बाद उमस का सामना

चंडीगढ़ में हाल ही में हुई बारिश के बाद मौसम में बदलाव आया है। गुरुवार की सुबह धूप निकलने के साथ ही उमस बढ़ गई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में फिर से बारिश की संभावना जताई है। सुखना झील का जलस्तर भी चिंता का विषय बना हुआ है, जो खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। नागरिकों को जलभराव वाले इलाकों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जानें इस मौसम के बारे में और क्या जानकारी है।
 

चंडीगढ़ में मौसम का नया मिजाज

चंडीगढ़: गुरुवार की सुबह चंडीगढ़ में दो दिन की लगातार बारिश के बाद मौसम में बदलाव देखा गया। आसमान साफ हुआ और धूप निकली, जिससे तापमान में थोड़ी कमी आई थी। हालांकि, धूप निकलने के साथ ही शहर में उमस बढ़ने लगी। लोग सुबह की ठंडक का आनंद ले रहे थे, लेकिन दोपहर होते-होते नमी का अहसास होने लगा।


मौसम विभाग की भविष्यवाणी

मौसम का बदला मिजाज

मौसम विभाग के अनुसार, आज आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सुबह की धूप देखकर यह सोचना गलत होगा कि बारिश का सिलसिला पूरी तरह खत्म हो गया है। अगले कुछ दिनों में भी बादल और बारिश का दौर जारी रह सकता है।


उमस और जलभराव की समस्या

धूप के साथ उमस ने दी दस्तक

आईएमडी के सात दिवसीय पूर्वानुमान में 21 से 25 अगस्त तक भी एक-दो बारिश या गरज के साथ बौछारों की संभावना जताई गई है। इससे शहरवासियों को तैयार रहने की सलाह दी जा रही है। हाल की भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की समस्या देखने को मिली थी। नगर निगम ने शहर के 52 संभावित जलभराव वाले स्थानों को चिन्हित कर लिया है। इन जगहों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि दोबारा समस्या न बढ़े.


सुखना झील का जलस्तर

सुखना झील का जलस्तर भी चिंता का विषय बना हुआ है। पिछले 24 घंटे में 73.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जिससे झील का जलस्तर बढ़कर 1161.4 फीट पहुंच गया। यह खतरे के निशान 1161.70 फीट से महज 0.3 फीट नीचे है। प्रशासन लगातार जलस्तर पर नजर रखे हुए है। अभी तक फ्लड गेट खोलने की जरूरत नहीं पड़ी है। 18 से 19 अगस्त के बीच झील का स्तर 1.95 फीट बढ़ा था। एक अगस्त से 19 अगस्त तक कुल बढ़ोतरी 2.70 फीट दर्ज की गई.


नागरिकों के लिए चेतावनी

मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला फिर लौट सकता है। ऐसे में नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। जलभराव वाले इलाकों में रहने वाले लोग अतिरिक्त सावधानी बरतें। प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.