चंडीगढ़ में सिख कैदियों की रिहाई के लिए प्रदर्शन, पुलिस ने किया बल प्रयोग
सिख कैदियों की रिहाई के लिए सड़कों पर उतरे लोग
चंडीगढ़: शनिवार को चंडीगढ़ में सिख कैदियों की रिहाई का मुद्दा फिर से चर्चा में आया। कौमी इंसाफ मोर्चा के आह्वान पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के निवास की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे थे। चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर पुलिस ने पहले से सुरक्षा इंतजाम कर रखे थे। जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और पानी की बौछार का सहारा लिया।
पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था
प्रदर्शनकारियों को लोक भवन तक पहुंचने से रोकने के लिए चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर कई स्तरों की बैरिकेडिंग की गई थी, जिसमें कांटेदार तार भी शामिल थे। मौके पर दंगा रोधी वाहन, रैपिड एक्शन फोर्स और अन्य सुरक्षाबलों की तैनाती की गई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पर चढ़ने की कोशिश की, जबकि कुछ ने ट्रैक्टर का उपयोग कर अवरोध हटाने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछार कीं
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के दौरान स्थिति बिगड़ गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और पानी की बौछार की गई। चंडीगढ़ और मोहाली के बीच कई बॉर्डर प्वाइंट पहले से ही सील कर दिए गए थे। मोर्चा ने यह मार्च उन सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर बुलाया था, जो अपनी सजा पूरी करने के बाद भी जेल में हैं।
रिहाई की मांग वाले कैदी
किन कैदियों की रिहाई की मांग
कौमी इंसाफ मोर्चा जिन कैदियों की रिहाई की मांग कर रहा है, उनमें जगतार सिंह हवारा, बलवंत सिंह राजोआणा, जगतार सिंह तारा, परमजीत सिंह भेओरा, देविंदरपाल सिंह भुल्लर, गुरदीप सिंह खेहरा, लखविंदर सिंह लखा, गुरमीत सिंह और शमशेर सिंह शामिल हैं। हवारा और राजोआणा को पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की 1995 में हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया है। भुल्लर 1993 के दिल्ली बम धमाके के मामले में सजा काट रहे हैं।
‘बंदी सिंह’ का अर्थ
क्या हैं ‘बंदी सिंह’?
‘बंदी सिंह’ शब्द का उपयोग उन सिख कैदियों के लिए किया जाता है, जिन्हें 1990 के दशक में पंजाब में उग्रवाद से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया गया था। कौमी इंसाफ मोर्चा 7 जनवरी 2023 से चंडीगढ़ के सेक्टर 52-53 और मोहाली के YPS चौक के पास धरना दे रहा है। कई सिख और राजनीतिक संगठनों ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया है। मोर्चा अब 21 अगस्त को पंजाब बंद का आह्वान कर चुका है।