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चंडीगढ़ में स्मार्ट पार्किंग योजना की शुरुआत, तकनीक से मिलेगी राहत

चंडीगढ़ में नगर निगम ने पार्किंग की समस्याओं को हल करने के लिए स्मार्ट पार्किंग योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत सेक्टर-17 में पार्किंग की उपलब्धता की जानकारी पहले से मिलेगी, जिससे वाहन चालकों को राहत मिलेगी। स्मार्ट सिस्टम के माध्यम से पार्किंग की क्षमता का बेहतर उपयोग किया जाएगा। जानें इस नई पहल के बारे में और कैसे यह शहर की पार्किंग व्यवस्था को बदलने में मदद करेगी।
 

स्मार्ट पार्किंग का नया कदम


चंडीगढ़ में पार्किंग की समस्याओं को कम करने के लिए नगर निगम अब तकनीकी उपायों का सहारा लेने जा रहा है। स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था की शुरुआत सेक्टर-17 से की जाएगी। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत सभी पार्किंग को स्मार्ट पार्किंग समाधान से जोड़ा जाएगा, जिससे वाहन चालकों को पहले से पार्किंग की उपलब्धता की जानकारी मिल सकेगी और संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी।


सेक्टर-17 का चयन क्यों?

सेक्टर-17 चंडीगढ़ का एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, जहां पार्किंग की मांग हमेशा बनी रहती है। इसी कारण नगर निगम ने इस क्षेत्र को स्मार्ट पार्किंग के पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना है। यहां पहले से मल्टीलेवल पार्किंग मौजूद है, लेकिन इसका उपयोग उसकी पूरी क्षमता के अनुसार नहीं हो रहा है। अप्रैल-मई के आंकड़ों के अनुसार, चारपहिया पार्किंग की ऑक्यूपेंसी लगभग 57 से 58 प्रतिशत रही।


दोपहिया पार्किंग की स्थिति

सेक्टर-17 में दोपहिया पार्किंग की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-मई के दौरान यहां दोपहिया पार्किंग की ऑक्यूपेंसी 42 से 48 प्रतिशत के बीच रही। स्मार्ट सिस्टम के माध्यम से वाहन चालकों को पहले से पार्किंग की उपलब्धता का पता चल सकेगा, जिससे खाली जगह खोजने में लगने वाला समय कम होगा और मौजूदा पार्किंग क्षमता का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।


पार्किंग व्यवस्था में खामियां

नगर निगम के पास लगभग 88 पेड पार्किंग हैं, जिनका संचालन निगम द्वारा किया जाता है। हाल ही में अधिकारियों के निरीक्षण में कई पार्किंग में व्यवस्थागत कमियां सामने आई हैं। कुछ स्थानों पर वाहनों की पर्चियां नियमित रूप से जारी नहीं हो रही हैं, निगरानी कमजोर है और पार्किंग शुल्क की वसूली में कमी जैसी समस्याएं देखी गई हैं। इन कारणों से पार्किंग संचालन पर खर्च बढ़ रहा है और निगम को मिलने वाला राजस्व अपेक्षाकृत कम हो रहा है।


डिजिटल सुविधाएं और निगरानी

प्रस्तावित स्मार्ट पार्किंग सिस्टम में वाहन चालकों के लिए कई डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ऐप के माध्यम से पार्किंग स्लॉट बुक करने की सुविधा मिलेगी और पार्किंग में जगह उपलब्ध है या नहीं, इसकी जानकारी पहले से मिल सकेगी। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और पार्किंग कर्मचारियों की बेहतर मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इससे पार्किंग संचालन पर नजर रखने के साथ-साथ शुल्क वसूली को भी अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जाएगा।


डिजिटल पहल का विस्तार

नगर निगम ने जनवरी में एमसी वन पास शुरू कर अपनी पार्किंग को डिजिटल पास से जोड़ने की कोशिश की थी। शुरुआत में दोपहिया के लिए 250 रुपये और चारपहिया के लिए 500 रुपये का मासिक पास रखा गया था। बाद में तिमाही, छमाही और सालाना पास भी छूट के साथ शुरू किए गए। हालांकि, डिजिटल पास और पार्किंग राजस्व को अपेक्षित विस्तार नहीं मिल सका। अब स्मार्ट पार्किंग के माध्यम से डिजिटल व्यवस्था को और मजबूत करने की योजना है।


मल्टीलेवल पार्किंग के लिए स्थान

शहर की व्यापक मोबिलिटी योजना में मल्टीलेवल पार्किंग के लिए आठ स्थान चिन्हित किए गए हैं, जिनमें चार स्थान अकेले सेक्टर-17 में हैं। इसके अलावा, सेक्टर-34, सेक्टर-43 और आईटी पार्क फेज-1 में भी स्थान प्रस्तावित हैं। प्रशासन से मंजूरी मिलने के बाद इनमें से एक-दो स्थानों पर मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण किया जा सकता है। फिलहाल, स्मार्ट पार्किंग का प्रस्ताव नगर निगम की आगामी बैठक में चर्चा के लिए लाया जाएगा।