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दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' पर प्रतिबंध जारी, विवाद बढ़ा

दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' एक बार फिर विवादों में है, क्योंकि सरकारी समिति ने इसके प्रतिबंध को हटाने की सिफारिश नहीं की है। फिल्म को ZEE5 के अंतरराष्ट्रीय सेक्शन से भी हटा दिया गया है। इस फिल्म पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है, जिसमें केंद्रीय राज्य मंत्री ने आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं का उल्लेख किया है। जानें इस फिल्म के पीछे की कहानी और दिलजीत का इस पर क्या कहना है।
 

फिल्म 'सतलुज' पर विवाद


चंडीगढ़: दिलजीत दोसांझ की नई फिल्म 'सतलुज' एक बार फिर चर्चा में है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, फिल्म की सामग्री की समीक्षा के लिए बनाई गई समिति ने प्रतिबंध हटाने की सिफारिश नहीं की है। इसके अलावा, फिल्म को ZEE5 के अंतरराष्ट्रीय सेक्शन से भी हटा दिया गया है। पहले इसे 'पंजाब 95' नाम से जाना जाता था, लेकिन बाद में इसे नए नाम के साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया था।


फिल्म पर प्रतिबंध जारी

सूत्रों के अनुसार, समिति ने फिल्म पर लगे प्रतिबंध को हटाने की अनुशंसा नहीं की है, जिससे यह स्पष्ट है कि प्रतिबंध अभी भी प्रभावी रहेगा। यह फिल्म भारत में 3 जुलाई को ZEE5 पर रिलीज हुई थी, लेकिन दो दिन बाद ही इसे प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया।


फिल्म का अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म से हटना

फिल्म के निर्देशक हनी त्रेहान ने एक मीडिया चैनल से बातचीत में बताया कि 'सतलुज' को ZEE5 के अंतरराष्ट्रीय सेक्शन से भी हटा दिया गया है। इस निर्णय के बाद, फिल्म अब अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए उपलब्ध नहीं है। इससे पहले, केंद्र सरकार ने कहा था कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से प्रमाणपत्र नहीं मिला था।


राजनीतिक बयानबाजी का दौर

फिल्म के हटने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा करते हुए आतंकवाद से जुड़ी एक पुरानी घटना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंजाब ने आतंकवाद के दौर में कई दर्दनाक घटनाएं देखी हैं और ऐसे लोगों को नायक के रूप में पेश करना समाज के जख्मों को फिर से कुरेदने जैसा है।


जसवंत सिंह खालड़ा पर आधारित फिल्म

यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित बताई जाती है। इसमें आतंकवाद के दौरान कथित फर्जी मुठभेड़ों और उनसे जुड़े दावों का उल्लेख किया गया है। पहले इसका नाम 'पंजाब 95' था, लेकिन लंबे समय तक अटके रहने के बाद इसे 'सतलुज' नाम से ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया।


दिलजीत का फिल्म हटने पर बयान

फिल्म के हटने पर दिलजीत दोसांझ ने कहा कि उन्हें सबसे अधिक दुख इंसानियत के नजरिए से हुआ है। उनका कहना था कि भले ही फिल्म प्लेटफॉर्म से हटा दी गई हो, लेकिन वह पहले ही दर्शकों तक पहुंच चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन्होंने फिल्म डाउनलोड की है, वे इसे दूसरों तक भी पहुंचाएं। फिल्म के हटने पर कई पंजाबी कलाकारों ने भी अपनी नाराजगी व्यक्त की है।