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पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व विवाद: चन्नी का समर्थन बढ़ा

पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पार्टी के प्रदेश प्रभारी की बैठक में शामिल न होकर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत दिया है। चन्नी के पक्ष में समर्थन बढ़ रहा है, जिसमें कई सांसद और विधायक शामिल हैं। कांग्रेस हाईकमान ने इस विवाद को सुलझाने के लिए भूपेश बघेल को पंजाब भेजा है। प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग ने चन्नी की बैठक को अनावश्यक विवाद का रूप देने की बात कही है। इस घटनाक्रम ने पंजाब कांग्रेस की राजनीति में नई दिशा दी है।
 

चंडीगढ़ में नेतृत्व विवाद की गहराई

चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने पार्टी के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल की बैठक में शामिल न होकर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत दिया है। इस घटनाक्रम के दौरान कई सांसद, विधायक और पूर्व विधायक चन्नी के साथ दिखाई दिए। वहीं, पार्टी नेतृत्व लगातार एकजुटता का दावा कर रहा है।


चन्नी की बैठक और समर्थन

भूपेश बघेल के पंजाब दौरे से पहले, चरणजीत सिंह चन्नी ने मोहाली में अपने समर्थक नेताओं की एक अलग बैठक बुलाई। इस बैठक में प्रभारी की मीटिंग का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। बैठक के बाद, चन्नी अपने समर्थकों के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे पहले हुई बैठक की अगली कड़ी बताया।


नेताओं का चन्नी के पक्ष में समर्थन

चन्नी के पक्ष में पार्टी के भीतर समर्थन बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। उन्हें सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और छह विधायकों का समर्थन प्राप्त होने की जानकारी मिली है। नए कार्यकारी अध्यक्ष संगत सिंह गिलजियां भी उनके साथ बताए जा रहे हैं। दूसरी ओर, प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के समर्थन में फिलहाल केवल सांसद डॉ. अमर सिंह ही खुलकर सामने आए हैं।


कांग्रेस हाईकमान की पहल

पार्टी में बढ़ते विवाद को देखते हुए कांग्रेस हाईकमान ने भूपेश बघेल को पांच दिन के लिए पंजाब भेजा है। उनके कार्यक्रम में दोनों गुटों के नेताओं से अलग-अलग मुलाकातें शामिल हैं। माना जा रहा है कि नेतृत्व विवाद को सुलझाने और संगठन में एकजुटता बनाए रखने के लिए यह दौरा महत्वपूर्ण है।


राजा वड़िंग का स्पष्टीकरण

प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि चन्नी के घर हुई बैठक को अनावश्यक विवाद का रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं के बीच मुलाकात होना सामान्य है और इसे किसी अलग गुट की बैठक नहीं माना जाना चाहिए। वड़िंग ने विश्वास जताया कि आने वाले दिनों में सभी नेता एक मंच पर दिखाई देंगे।


सियासी हलचल का बढ़ता प्रभाव

चरणजीत सिंह चन्नी लगातार संगठन में बदलाव की मांग कर रहे हैं और कई नेताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं। दूसरी ओर, प्रदेश नेतृत्व भी वरिष्ठ नेताओं से संपर्क बनाए हुए है। इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को नई दिशा दे दी है। अब सबकी नजरें हाईकमान के अगले फैसले और दोनों गुटों के बीच होने वाली बातचीत पर टिकी हैं।