पंजाब कांग्रेस में बढ़ती खींचतान पर अमरिंदर सिंह राजा वडिंग की प्रतिक्रिया
पार्टी के भीतर की समस्याओं पर खुलकर बोले राजा वडिंग
पंजाब कांग्रेस में बढ़ती आंतरिक समस्याओं के बीच, प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने पहली बार अपने ही पार्टी के नेताओं पर सीधा हमला किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कांग्रेस को मजबूत करने के बजाय उसे कमजोर करने में लगे हैं, जिससे पार्टी को नुकसान हो रहा है।
अपने ही नेताओं पर साधा निशाना
श्री मुक्तसर साहिब में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, वडिंग ने कहा कि न केवल विपक्षी दल, बल्कि कांग्रेस के कुछ नेता भी उनकी नेतृत्व क्षमता को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र में आकर उन्हें लोगों का समर्थन मिलता है, जो उन्हें सुकून देता है। वडिंग ने यह भी कहा कि शिरोमणि अकाली दल, भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी उनके खिलाफ हैं, लेकिन दुख की बात यह है कि पार्टी के कुछ साथी भी उनके साथ नहीं खड़े हैं। उन्होंने ऐसे नेताओं को बेवफा करार दिया और कहा कि इससे पार्टी की एकता पर असर पड़ रहा है।
2022 की हार पर दिया जवाब
राजा वडिंग ने 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस की सीटें 80 से घटकर 18 रह गईं, तब वह पार्टी के अध्यक्ष नहीं थे। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि उस समय की हार की जिम्मेदारी केवल उन पर क्यों नहीं डाली जाती। वडिंग ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस को आगे बढ़ाने के लिए सभी नेताओं को मिलकर काम करना होगा, तभी पार्टी फिर से मजबूत हो सकेगी।
चन्नी के समर्थन में नारे
इस बीच, बठिंडा में एक कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों ने उन्हें 2027 विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने की मांग की। कार्यक्रम में भूपेश बघेल और राजा वडिंग भी उपस्थित थे। जब नारेबाजी बढ़ी, तो राजा वडिंग ने एक समर्थक को मंच पर बुलाया और कहा कि यदि आवश्यक हो, तो वह सीधे चन्नी से बात करा सकते हैं। उन्होंने लोगों से शांत रहने की अपील की और कहा कि कांग्रेस की ताकत उसकी एकजुटता में है। हालांकि, समर्थक चन्नी के समर्थन में नारे लगाते रहे, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर मतभेद अभी भी मौजूद हैं।