पंजाब पुलिस में 70 इंस्पेक्टरों को मिली DSP पद पर पदोन्नति
पंजाब पुलिस में पदोन्नति का बड़ा निर्णय
पंजाब पुलिस के इंस्पेक्टरों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है, जो लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे थे। गृह मामलों एवं न्याय विभाग की हालिया अधिसूचना के अनुसार, 70 इंस्पेक्टर अब उप पुलिस अधीक्षक (DSP) के पद पर कार्यभार संभालेंगे। इन अधिकारियों को पंजाब पुलिस सेवा के वेतन स्तर-18 में रखा गया है, जिसमें 56,100 रुपये से लेकर 1,77,500 रुपये तक का वेतनमान शामिल है। यह निर्णय विभागीय तरक्की समिति की मई 2025 में की गई सिफारिश के आधार पर लिया गया है।
जिला और आर्म्ड कैडर के अधिकारियों को मिलेगा लाभ
इस पदोन्नति में जिला कैडर के 50 इंस्पेक्टर और आर्म्ड कैडर के 20 अधिकारी शामिल हैं। इनमें से कई पुलिसकर्मी लंबे समय से इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे। DSP बनने के बाद इन अधिकारियों की जिम्मेदारियां बढ़ेंगी और उन्हें नए वेतन स्तर का लाभ भी प्राप्त होगा। सरकार ने वरिष्ठता सूची और लागू नियमों के अनुसार पदोन्नति की प्रक्रिया को पूरा किया है।
पदोन्नति एक साल के लिए प्रभावी
सरकारी आदेश में पदोन्नति से संबंधित एक महत्वपूर्ण शर्त भी शामिल है। अधिकारियों की पदोन्नति तत्काल प्रभाव से लागू होगी, लेकिन यह व्यवस्था एक वर्ष की अवधि के लिए मान्य रहेगी। इस दौरान सेवा से जुड़े मामलों और निर्धारित मानकों के अनुसार स्थिति की समीक्षा की जा सकती है। इसका मतलब है कि पदोन्नति के बाद भी अधिकारियों की सेवा संबंधी स्थिति पर नियमों के अनुसार निगरानी रखी जाएगी।
वरिष्ठता और कानूनी विवाद का प्रभाव
अधिसूचना में वरिष्ठता से संबंधित मामलों को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई है। यदि वरिष्ठता सूची में कोई बदलाव होता है या किसी अधिकारी की पदोन्नति पर आपत्ति आती है, तो मामले की पुनरावलोकन किया जा सकता है। इसी तरह, यदि किसी न्यायिक प्रक्रिया का प्रभाव पड़ता है, तो सरकार संबंधित पदोन्नति पर नियमानुसार विचार कर सकती है।
DSP स्तर पर अधिकारियों की संख्या में वृद्धि
70 नए DSP की नियुक्ति से पंजाब पुलिस को फील्ड स्तर पर अनुभवी अधिकारियों की उपलब्धता बढ़ाने में सहायता मिलेगी। DSP स्तर पर कानून-व्यवस्था, अपराध की जांच और पुलिस प्रशासन से संबंधित महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होती हैं। जिला और आर्म्ड पुलिस में अधिकारियों की आवश्यकता को देखते हुए यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार ने सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद आदेश जारी किया है, जबकि नई तैनाती के निर्देश अलग से जारी किए जा सकते हैं।