पंजाब में नशामुक्ति के लिए 'सूरमा' अभियान की नई पहल
सूरमा अभियान का उद्देश्य
पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ अपनी मुहिम को और प्रभावी बनाने के लिए 'सूरमा' अभियान को जनभागीदारी का एक नया माध्यम बताया है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य न केवल नशा छुड़वाना है, बल्कि उन युवाओं को समाज के सामने लाना भी है जिन्होंने नशे की लत से बाहर निकलकर नई जिंदगी की शुरुआत की है। सरकार का मानना है कि ऐसे युवाओं की प्रेरणादायक कहानियां दूसरों में भी बदलाव की उम्मीद जगाएंगी और समाज को नशामुक्त बनाने में सहायक होंगी।
जनसमर्थन से मिली मजबूती
कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में शुरू किया गया 'सूरमा' अभियान नशे के खिलाफ लड़ाई को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने बताया कि पंजाब अब नशामुक्त और खुशहाल राज्य बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इस अभियान के तहत बड़ी संख्या में युवाओं ने नशे की लत छोड़कर सामान्य जीवन की ओर कदम बढ़ाए हैं। यह बदलाव केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज, परिवारों और युवाओं की सामूहिक भागीदारी से संभव हुआ है।
प्रेरणा बनेंगे पूर्व नशाग्रस्त युवा
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि 'सूरमा' अभियान नशे की जड़ों को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने उदाहरण दिया कि जैसे गंभीर बीमारी से ठीक हुए व्यक्ति को देखकर अन्य मरीजों में उम्मीद जागती है, उसी तरह नशे से बाहर निकल चुके युवा भी दूसरों के लिए प्रेरणा बनेंगे। ऐसे उदाहरण नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ाएंगे, जिससे वे भी इस बुराई को छोड़कर सम्मानजनक जीवन की ओर लौटने का साहस जुटा सकेंगे।
युवाओं की भूमिका में बदलाव
सरकार का मानना है कि यह अभियान सामाजिक सोच में भी बड़ा बदलाव लाएगा। पहले जहां नशे की लत में फंसे लोग एक-दूसरे को इस दलदल की ओर धकेलते थे, वहीं अब नशा छोड़ चुके युवा अपने साथियों का हाथ पकड़कर उन्हें नई राह दिखाएंगे। इससे आपसी सहयोग और विश्वास का माहौल बनेगा, जिसमें युवा एक-दूसरे को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे।
नशामुक्त पंजाब की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
राज्य सरकार का मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि इसके लिए सामाजिक जागरूकता, पुनर्वास और सामुदायिक सहयोग भी आवश्यक है। 'सूरमा' अभियान इन्हीं तीनों पहलुओं को जोड़ने का प्रयास है। सरकार का दावा है कि यदि समाज, परिवार और युवा मिलकर इस पहल को आगे बढ़ाते रहे तो पंजाब को नशामुक्त और खुशहाल बनाने का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सकेगा।