पंजाब में बिजली बिलों के लिए नई राहत योजना की घोषणा
बिजली बिलों के बकाया पर राहत
पंजाब में बिजली बिलों के बकाया चुकाने में कठिनाई का सामना कर रहे लाखों उपभोक्ताओं के लिए एक सकारात्मक खबर आई है। पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी दी है, जिससे भुगतान की शर्तें पहले से कहीं अधिक सरल हो गई हैं। इस नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को कम ब्याज दर, आसान किस्तों और ऑनलाइन प्रक्रिया का लाभ मिलेगा, जिससे बिजली निगम और उपभोक्ताओं दोनों को लाभ होने की संभावना है।
नई योजना का लाभ
बिजली बिलों का निपटारा आसान
पीएसईआरसी ने वन टाइम सेटलमेंट योजना के तहत लंबित बिजली बिलों के निपटारे की प्रक्रिया को सरल बना दिया है। अब उपभोक्ताओं को बकाया राशि पर 18 प्रतिशत की बजाय केवल 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज देना होगा। इसके अलावा, पूरी राशि एक बार में जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे लाखों परिवारों और व्यवसायों को राहत मिलेगी।
किस्तों में भुगतान की सुविधा
आसान किस्तों का विकल्प
नई व्यवस्था के अनुसार, उपभोक्ता कुल सेटलमेंट राशि का 25 प्रतिशत पहले जमा करेंगे, जबकि शेष 75 प्रतिशत राशि को अधिकतम छह मासिक किस्तों में चुकाया जा सकेगा। पहले, पूरे भुगतान की समय सीमा 30 दिन थी, लेकिन अब किस्तों की सुविधा से आर्थिक दबाव कम होगा और बकाया चुकाना आसान हो जाएगा।
बकाया उपभोक्ताओं की संख्या
19 लाख से अधिक उपभोक्ता प्रभावित
कमीशन के आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2025 तक राज्य के 19 लाख 33 हजार 743 बिजली उपभोक्ताओं पर 4,155.70 करोड़ रुपये का बकाया है। इनमें घरेलू और गैर आवासीय श्रेणी के उपभोक्ता शामिल हैं। आयोग का मानना है कि इस योजना से लंबित राशि की वसूली में तेजी आएगी और उपभोक्ताओं को नई शुरुआत का अवसर मिलेगा।
अदालती मामलों में भी राहत
न्यायिक मामलों पर प्रभाव
यह योजना उन उपभोक्ताओं पर भी लागू होगी जिनके मामले अदालतों में लंबित हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को समझौते के बाद ऑनलाइन शपथ पत्र देकर मुकदमा वापस लेना होगा। इन मामलों में 7 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज लागू रहेगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और कोई प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जाएगा।
कटे कनेक्शनों के लिए विशेष राहत
फिक्स्ड चार्ज में राहत
आयोग ने लंबे समय से बंद पड़े बिजली कनेक्शनों पर लगने वाले फिक्स्ड चार्ज में भी राहत देने का निर्णय लिया है। आवेदन के दौरान जमा सुरक्षा राशि स्वतः बकाया में समायोजित कर दी जाएगी। यह योजना पीएसपीसीएल के वाणिज्यिक परिपत्र जारी होने के बाद 45 दिनों तक लागू रहेगी, जिसे आवश्यकता पड़ने पर अधिकतम 90 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है।