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पंजाब में ब्यास दरिया का जल स्तर बढ़ने से किसानों में चिंता

पंजाब के टांडा क्षेत्र में ब्यास दरिया का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे किसानों में चिंता का माहौल है। पिछले साल आई बाढ़ के अनुभवों को देखते हुए, स्थानीय किसान सरकार से सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं। वे तटबंधों की स्थिति को लेकर चिंतित हैं और समय पर मरम्मत की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। जानें इस स्थिति के पीछे के कारण और किसानों की चिंताएं।
 

ब्यास दरिया का जल स्तर बढ़ता जा रहा है


पंजाब के टांडा क्षेत्र में ब्यास नदी का जल स्तर लगातार ऊँचा हो रहा है, जिससे नदी के किनारे रहने वाले किसानों और स्थानीय निवासियों में चिंता बढ़ गई है। पिछले वर्ष आई बाढ़ के नुकसान की यादें अभी भी ताजा हैं। ऐसे में किसानों ने सरकार से समय पर सुरक्षा उपाय करने की अपील की है।


किसानों के लिए चिंता का विषय

टांडा क्षेत्र के ब्यास मंड में रड़ा गांव के पास ब्यास दरिया का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी का दबाव तटबंधों को कमजोर कर रहा है। कई स्थानों पर कटाव भी देखने को मिल रहा है, जिससे भूमि और सुरक्षा बांधों को नुकसान हो रहा है। लगातार बारिश के कारण लोगों को आशंका है कि यदि जल स्तर और बढ़ा, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर मरम्मत नहीं की गई, तो पानी खेतों में घुस सकता है और फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।


पिछले साल की बाढ़ की यादें

स्थानीय किसानों ने बताया कि पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान ब्यास दरिया के किनारे बने कई तटबंध टूट गए थे। इसके परिणामस्वरूप बड़ी मात्रा में पानी खेतों में घुस गया था, जिससे सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई थी। उस समय धान और अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ था, जिससे किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। किसानों का कहना है कि यदि इस बार भी सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए, तो वही स्थिति दोबारा उत्पन्न हो सकती है।


सरकार से तात्कालिक कार्रवाई की मांग

किसानों ने पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से अनुरोध किया है कि ब्यास दरिया के किनारे सभी कमजोर तटबंधों का तुरंत निरीक्षण किया जाए। उनका कहना है कि जहां भी कटाव हुआ है, वहां मरम्मत और मजबूती का कार्य शीघ्र शुरू होना चाहिए। किसानों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि बारिश के मौसम में नदी के जल स्तर पर लगातार निगरानी रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर राहत और बचाव की व्यवस्था पहले से तैयार रखी जाए।