पंजाब में संगठित अपराध और नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पंजाब में अपराध के खिलाफ सख्त कदम
पंजाब में संगठित अपराध और नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों को और तेज करते हुए, पुलिस ने शुक्रवार को व्यापक कार्रवाई की। विभिन्न जिलों में एक साथ छापेमारी कर अपराधियों के नेटवर्क पर दबाव डाला गया। इस दौरान कई लोगों को गिरफ्तार किया गया और अवैध हथियारों के साथ नशीले पदार्थ भी बरामद हुए।
गैंगस्टर नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार
पंजाब पुलिस ने 'गैंगस्टरन ते वार' अभियान के तहत 164वें दिन राज्यभर में 534 स्थानों पर छापेमारी की। यह अभियान पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के निर्देश पर 20 जनवरी 2026 से चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य गैंगस्टर गिरोहों और उनके सहयोगियों के नेटवर्क को कमजोर करना है। शुक्रवार को जिला पुलिस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) की संयुक्त टीमों ने समन्वित कार्रवाई करते हुए 297 लोगों को गिरफ्तार किया। इस अभियान के दौरान पांच अवैध हथियार भी बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, इस विशेष मुहिम के तहत अब तक कुल 43,127 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो राज्य में अपराध के खिलाफ लगातार जारी कार्रवाई को दर्शाता है।
निवारक कार्रवाई और नागरिकों से सहयोग की अपील
इस अभियान के दौरान पुलिस ने केवल गिरफ्तारियां ही नहीं कीं, बल्कि 206 लोगों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई भी शुरू की। इसके अलावा, दो घोषित अपराधियों को भी पकड़ा गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आम लोगों की भागीदारी बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य से नागरिकों से अपील की गई है कि वे वांछित अपराधियों, गैंगस्टरों और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी एंटी गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946 पर साझा करें। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, जिससे लोग बिना किसी डर के जानकारी उपलब्ध करा सकें।
नशा तस्करी के खिलाफ जारी अभियान
गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ, पंजाब पुलिस का 'युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान भी लगातार जारी है। इस अभियान के 489वें दिन पुलिस ने 187 कथित नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान 2.1 किलोग्राम हेरोइन, 712 नशीली गोलियां और 22,900 रुपये की संदिग्ध नकदी बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, इस मुहिम के तहत अब तक 71,538 तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके साथ ही, नशे के खिलाफ सामाजिक पहल को आगे बढ़ाते हुए 12 लोगों को नशामुक्ति और पुनर्वास कार्यक्रम से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस का कहना है कि अपराध और नशे के खिलाफ सख्ती के साथ पुनर्वास की नीति भी समान रूप से महत्वपूर्ण है।