पंजाब में सरकारी बसों की हड़ताल से यात्रियों को हुई कठिनाई
पंजाब में हड़ताल का प्रभाव
चंडीगढ़: बुधवार को पंजाब में सरकारी बसों से यात्रा करने वाले यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन के साधनों का सहारा लेना पड़ा है।
बस अड्डों पर हड़ताल का असर
दोपहर 12 बजे से शुरू हुई हड़ताल का प्रभाव राज्य के प्रमुख बस अड्डों पर स्पष्ट रूप से देखा गया। कई स्थानों पर सरकारी बसें खड़ी रहीं, जबकि कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करते रहे। बसों की कमी के कारण यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि निजी बसों में भीड़ अधिक थी।
कर्मचारियों की नाराजगी के कारण
यूनियन के नेताओं का कहना है कि उनकी मांगों को लंबे समय से अनदेखा किया जा रहा है। यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सरबजीत सिंह भुल्लर के अनुसार, कर्मचारियों ने 10 जून से सांकेतिक चक्का जाम के साथ आंदोलन शुरू किया था, लेकिन सरकार की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। उनका आरोप है कि विभागों में निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है और आंदोलन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी कारण कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया है।
आगे की संभावित समस्याएं
यूनियन का कहना है कि पिछले चार वर्षों में न तो नई सरकारी बसों को बेड़े में शामिल किया गया है और न ही कर्मचारियों को नियमित करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए गए हैं। कर्मचारियों ने अपनी मांगों के लिए संघर्ष जारी रखने का निर्णय लिया है। यूनियन ने 11 जून को मुख्यमंत्री के चंडीगढ़ स्थित आवास के बाहर प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो यात्रियों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।