पंजाब में सिख मंत्रियों की पेशी: जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब एक्ट पर चर्चा
अमृतसर में सिख मंत्रियों की पेशी
अमृतसर: पंजाब में आम आदमी पार्टी के सिख मंत्री और विधायक सोमवार को श्री अकाल तख्त साहिब में उपस्थित होकर जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026 पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। इस अवसर पर कुलतार सिंह संधवां भी उनके साथ रहेंगे। यह मामला राज्य सरकार द्वारा पारित कानून और उसके खिलाफ उठाए गए धार्मिक सवालों को लेकर चर्चा में है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान
अमृतसर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि अकाल तख्त द्वारा बुलाए गए सभी विधायकों और मंत्रियों को वहां उपस्थित होना आवश्यक है और वे अपना लिखित उत्तर प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार अकाल तख्त की सर्वोच्चता का सम्मान करती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से तलब नहीं किया गया है, लेकिन वह पहले भी अकाल तख्त जा चुके हैं।
श्री अकाल तख्त साहिब का स्थान हमारे लिए सर्वोपरि है।
— Vikas Goel (@VikasGoelAAP) June 28, 2026
कल हमारे विधायक और मंत्री श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होकर अपना पक्ष रखेंगे। इसके बाद बाहर आकर मीडिया को संबोधित करेंगे और पूरी जानकारी साझा करेंगे।
- @BhagwantMann जी, मुख्यमंत्री, पंजाब pic.twitter.com/AZzw5djT7X
सोशल मीडिया वीडियो पर मुख्यमंत्री का स्पष्टीकरण
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मास्क वाले वीडियो के संबंध में सरकार अपना पक्ष रखेगी। उनके अनुसार, यह वीडियो फर्जी है और इसे संबंधित पत्र के साथ अकाल तख्त को भेजा जाएगा। उन्होंने दोहराया कि वह उस वीडियो में नहीं हैं और अकाल तख्त से आने वाले किसी भी निर्णय का सम्मान करेंगे।
अरविंद केजरीवाल की घोषणा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद अरविंद केजरीवाल ने यह घोषणा की कि अमृतसर में लवकुश और माता जानकी के नाम पर एक भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अमृतसर सभी धर्मों के लोगों की आस्था का केंद्र है और मंदिर निर्माण की विस्तृत योजना बाद में साझा की जाएगी।
केजरीवाल ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि जांच में केवल छोटे लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि बड़े आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि मामले में कई महत्वपूर्ण पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
मंत्रियों और विधायकों की पेशी का कारण
पांच सिंह साहिबान के अनुसार, पंजाब सरकार ने जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026 को केंद्रीय सिख संस्थाओं से पर्याप्त सलाह-मशविरा किए बिना पारित किया। इसके साथ ही अकाल तख्त द्वारा उठाई गई आपत्तियों को भी नजरअंदाज किया गया। इसी कारण पंजाब सरकार के सिख मंत्रियों और विभिन्न दलों के सिख विधायकों को 29 जून को अकाल तख्त सचिवालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है।
यह पूरा मामला धार्मिक संस्थाओं और राज्य सरकार के बीच संवाद तथा कानून को लेकर उठे मतभेदों से जुड़ा है। अब सभी की नजर 29 जून को होने वाली पेशी और अकाल तख्त की आगामी प्रक्रिया पर बनी हुई है।