पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव: ABVP के अंकित बिढान की जीत
चंडीगढ़ में छात्रसंघ चुनाव का मतदान
चंडीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े कॉलेजों में सोमवार को छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदान संपन्न हुआ। इस दौरान कैंपस में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और मतदान के बाद मतगणना का कार्य शुरू हुआ। अध्यक्ष पद के लिए ABVP के अंकित बिढान ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी और अंततः उन्होंने जीत हासिल की। हालांकि, लॉ विभाग के बाहर छात्रों ने मतदान प्रक्रिया को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि निर्धारित समय से पहले गेट बंद कर दिए गए, जिससे कई विद्यार्थी वोट नहीं डाल सके।
ABVP के अंकित बिढान की जीत
पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस स्टूडेंट्स काउंसिल के अध्यक्ष पद पर ABVP के अंकित बिढान ने विजय प्राप्त की। चुनाव में उनका मुकाबला NSUI के गुरमन सिंह सिद्धू, AAP समर्थित ASAP के आदिल बराड़ और SATH के दर्शनप्रीत सिंह से था। मतगणना के दौरान बिढान ने लगातार बढ़त बनाए रखी और अंततः उन्होंने अध्यक्ष पद अपने नाम कर लिया।
लॉ विभाग में मतदान के दौरान तनाव
मतदान के समय पंजाब यूनिवर्सिटी के लॉ विभाग के बाहर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। छात्रों का कहना था कि मतदान का समय सुबह 11 बजे तक था, लेकिन विभाग का गेट करीब 10 बजे ही बंद कर दिया गया। कई विद्यार्थियों ने कहा कि वे ट्रैफिक और अन्य कारणों से देर से पहुंचे थे। मतदान का अवसर न मिलने पर छात्रों ने नारेबाजी शुरू कर दी और विरोध बढ़ गया।
पुलिस के साथ छात्रों की झड़प
विरोध कर रहे छात्रों ने लॉ विभाग का दरवाजा खोलने की कोशिश की, जिसके दौरान उनकी पुलिस के साथ झड़प हुई। जब पुलिस मतपेटी को वहां से ले जाने लगी, तो छात्रों ने उसे रोकने का प्रयास किया। बाद में पुलिस की मौजूदगी में मतपेटियां वहां से ले जाई गईं। छात्रों की मांग थी कि मतदान से वंचित विद्यार्थियों को वोट डालने का अवसर दिया जाए।
कॉलेजों में चुनाव परिणाम
चंडीगढ़ के विभिन्न कॉलेजों में मतदान और मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए गए। सेक्टर-32 के GGDSD कॉलेज में अभिराज सिंह ने अध्यक्ष पद जीता, जबकि सेक्टर-46 के PGGC में परमिंदर सिंह निर्वाचित हुए। देव समाज कॉलेज फॉर वूमेन में परनीत कौर अध्यक्ष बनीं। सेक्टर-26 के श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज में नवजोत सिंह ने अध्यक्ष पद हासिल किया।
छुट्टियों का मतदान पर प्रभाव
चुनाव से जुड़े लोगों के अनुसार, लगातार त्योहारों और छुट्टियों का मतदान प्रतिशत पर प्रभाव पड़ा। रक्षाबंधन के बाद कई विद्यार्थी अपने घरों या अन्य शहरों में चले गए थे। आगामी जन्माष्टमी के कारण भी बड़ी संख्या में छात्रों के शहर से बाहर होने की संभावना जताई गई। इसका असर कॉलेजों में मतदान प्रतिशत पर दिखाई दिया, जहां कुछ संस्थानों में मतदान 25 से 40 प्रतिशत के बीच दर्ज किया गया।