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पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की नई रणनीति

पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों में कांग्रेस ने एक नई रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है, जिसमें मौजूदा सांसदों को टिकट नहीं देने का प्रस्ताव शामिल है। इस निर्णय से पार्टी के कई प्रमुख नेता चुनावी दौड़ से बाहर हो सकते हैं। कांग्रेस हाईकमान ने इस विषय पर चर्चा की है और जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। पार्टी का उद्देश्य एक परिवार से एक टिकट देने का सिद्धांत अपनाना और संगठन को मजबूत करना है। जानें इस नई रणनीति के पीछे की वजहें और पिछले चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन।
 

कांग्रेस की चुनावी तैयारी


पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों के चलते कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों के चयन के लिए एक नई रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। पार्टी के सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान एक ऐसा फॉर्मूला तैयार कर रहा है, जिसके तहत मौजूदा सांसदों को विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया जाएगा। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है और जल्द ही पंजाब के वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।


सांसदों की संभावित अनुपस्थिति

यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो पंजाब कांग्रेस के सभी सात सांसद विधानसभा चुनाव में भाग लेने से बाहर हो सकते हैं। इनमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं।


हाईकमान की बैठक

पार्टी के सूत्रों के अनुसार, हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, महासचिव केसी वेणुगोपाल और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में इस प्रस्ताव पर सिद्धांत रूप से सहमति बनी है, लेकिन अंतिम निर्णय लेने से पहले पंजाब इकाई के वरिष्ठ नेताओं की राय भी ली जाएगी।


नए फॉर्मूले की आवश्यकता

सूत्रों के अनुसार, कुछ सांसद विधानसभा चुनाव में भाग लेने की तैयारी कर रहे हैं और संभावित सुरक्षित सीटों पर अपनी दावेदारी मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। इससे उन स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जो लंबे समय से इन सीटों पर चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। पार्टी नेतृत्व को मिली फीडबैक में भी इस स्थिति का उल्लेख किया गया है। इसी के चलते हाईकमान ने सांसदों को लोकसभा की जिम्मेदारी तक सीमित रखने के प्रस्ताव पर विचार करना शुरू किया है।


एक परिवार से एक टिकट का सिद्धांत

पार्टी सूत्रों के अनुसार, उम्मीदवारों के चयन में इस बार संगठन की ग्राउंड रिपोर्ट, सर्वेक्षण और प्रभारियों की राय को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही, एक परिवार से केवल एक व्यक्ति को टिकट देने का सिद्धांत अपनाने की योजना भी बनाई जा रही है। इसके अलावा, बड़े नेताओं के लिए अलग कोटा सिस्टम खत्म करने पर भी विचार किया जा रहा है। पार्टी चाहती है कि सभी सांसद अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करें और अधिक से अधिक सीटें जीतने पर ध्यान केंद्रित करें।


पिछले चुनावों का प्रदर्शन

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने पंजाब की 13 में से 7 सीटों पर जीत हासिल की थी। इनमें जालंधर से चरणजीत सिंह चन्नी, लुधियाना से अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, गुरदासपुर से सुखजिंदर सिंह रंधावा, अमृतसर से गुरजीत सिंह औजला, पटियाला से डॉ. धर्मवीर गांधी, फतेहगढ़ साहिब से डॉ. अमर सिंह और फिरोजपुर से शेर सिंह घुबाया सांसद चुने गए थे।