पंजाब सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए 1,583 करोड़ रुपये जारी किए
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का वित्तीय समर्थन
पंजाब सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए 1,583 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की है। यह धनराशि बुजुर्गों, विधवाओं, निराश्रित महिलाओं, अनाथ बच्चों और दिव्यांग व्यक्तियों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान करने में उपयोग की जा रही है।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को वित्तीय सहायता देकर उनके जीवन स्तर में सुधार करना और उनकी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करना है। सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण योजनाओं के लिए 6,131.91 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
36 लाख लाभार्थियों को मिल रहा लाभ
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि यह बजट राज्य के कमजोर वर्गों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। सरकार का मानना है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाएं केवल वित्तीय सहायता का साधन नहीं हैं, बल्कि समाज के कमजोर तबकों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी प्रदान करती हैं।
वर्तमान में, पंजाब में लगभग 36 लाख लोग विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर सहायता मिले और किसी भी व्यक्ति को प्रशासनिक देरी या अन्य कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। विभाग योजनाओं के कार्यान्वयन की निरंतर निगरानी कर रहा है ताकि सहायता वितरण की प्रक्रिया सुचारू बनी रहे।
बुजुर्ग पेंशन के लिए 1,048 करोड़ रुपये का आवंटन
सरकार द्वारा जारी की गई कुल राशि में सबसे बड़ा हिस्सा बुजुर्ग पेंशन योजना के लिए आवंटित किया गया है। अब तक 1,048 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे पात्र वरिष्ठ नागरिकों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जा चुकी है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के माध्यम से राशि सीधे खातों में भेजने से पारदर्शिता बढ़ी है और लाभार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता मिल रही है।
बुजुर्ग पेंशन के अलावा, विधवाओं, बेसहारा महिलाओं, अनाथ बच्चों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत 535 करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त राशि भी जारी की जा चुकी है। इन योजनाओं के माध्यम से उन परिवारों को आर्थिक सहायता दी जा रही है जो सीमित आय या विशेष परिस्थितियों के कारण वित्तीय कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।