×

प्रधानमंत्री मोदी ने जालंधर में रेल और सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जालंधर में 5,470 करोड़ रुपये की रेल और सड़क अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने 75 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का भी उद्घाटन किया, जिसमें जालंधर कैंट स्टेशन शामिल है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पंजाब में परिवहन नेटवर्क को मजबूत करना और स्थानीय संस्कृति को संरक्षित करना है। जानें और क्या-क्या योजनाएं हैं जो यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेंगी।
 

प्रधानमंत्री का जालंधर दौरा


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पंजाब के जालंधर में 5,470 करोड़ रुपये से अधिक की रेल और सड़क अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश के 20 राज्यों में पुनर्विकसित 75 रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया, जिसमें जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन भी शामिल है। यह योजना विश्व के सबसे बड़े रेलवे स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रमों में से एक मानी जाती है।


आधुनिक सुविधाओं से लैस रेलवे स्टेशन

इन 75 रेलवे स्टेशनों को लगभग 1,570 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है, जो आधुनिक और यात्री-अनुकूल सुविधाओं से सुसज्जित हैं। 'विरासत भी, विकास भी' की अवधारणा पर आधारित इन स्टेशनों में स्थानीय संस्कृति, विरासत और पारंपरिक वास्तुकला की झलक देखने को मिलेगी। सरकार का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ स्थानीय पहचान को भी संरक्षित करना है।


पंजाब-हिमाचल रेल कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा

प्रधानमंत्री ने 830 करोड़ रुपये की लागत से तैयार दौलतपुर चौक-करटोली नई रेल लाइन का उद्घाटन किया। यह परियोजना नंगल डैम-तलवाड़ा-मुकेरियां नई रेल लाइन परियोजना का हिस्सा है। इसके शुरू होने से पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा और होशियारपुर तथा ऊना जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त, श्री आनंदपुर साहिब और माता चिंतपूर्णी मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच भी आसान होगी।


हाईवे परियोजनाओं से सफर होगा आसान

प्रधानमंत्री मोदी ने 3,070 करोड़ रुपये से अधिक की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इनमें दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के 30.9 किलोमीटर लंबे पैकेज-6 का उद्घाटन शामिल है। यह मार्ग भारी वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाएगा, यात्रा का समय घटाएगा और ईंधन की बचत करेगा। इसके अलावा, 25.2 किलोमीटर लंबे छह-लेन दक्षिणी लुधियाना बाईपास की आधारशिला भी रखी गई, जिससे लुधियाना और बठिंडा के बीच यात्रा तेज होगी।


विकास और कनेक्टिविटी पर केंद्र का फोकस

इन परियोजनाओं के माध्यम से केंद्र सरकार का उद्देश्य पंजाब में आधुनिक परिवहन नेटवर्क को मजबूत करना, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देना और धार्मिक स्थलों तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना है। सरकार का मानना है कि बेहतर रेल और सड़क ढांचा न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति देगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।