बठिंडा में नहरी सूए टूटने से फैली अफरा-तफरी
बठिंडा में नहरी सूए का टूटना
बठिंडा: पंजाब के बठिंडा में रविवार को नहरी सूए के टूटने से आसपास के क्षेत्रों में हड़कंप मच गया। मतिदास नगर के पास आई एक बड़ी दरार से पानी तेजी से बाहर निकलने लगा, जिससे खेतों और खाली स्थानों में जलभराव हो गया। इस घटना के बाद प्रशासन और नहरी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
40 फुट चौड़ी दरार से पानी का बहाव
सूत्रों के अनुसार, आईटीआई पुल के निकट नहरी सूए का किनारा अचानक टूट गया, जिससे लगभग 35 से 40 फुट चौड़ी दरार बन गई। इसके परिणामस्वरूप नहर का पानी तेजी से बाहर बहने लगा और कुछ ही समय में लगभग 12 एकड़ भूमि जलमग्न हो गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पानी का बहाव लगातार बढ़ रहा था, जिससे आसपास के क्षेत्रों में नुकसान की आशंका बढ़ गई। कई खेतों में पानी भर गया, जिससे लोगों में चिंता का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों ने विभाग पर आरोप लगाए
क्षेत्र के निवासियों का आरोप है कि नहर की सफाई और मरम्मत लंबे समय से ठीक से नहीं की गई थी। स्थानीय निवासी शाहबाद और भूपिंदर सिंह के अनुसार, घटना की सूचना समय पर अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन पानी का बहाव रोकने के लिए तुरंत कोई कदम नहीं उठाए गए। उनका कहना है कि यदि नियमित रखरखाव किया गया होता, तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती और फसलों को नुकसान से बचाया जा सकता था।
मानसून से पहले की चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश का मौसम अभी पूरी तरह से शुरू नहीं हुआ है, फिर भी नहरी सूए का टूटना एक गंभीर चेतावनी है। यदि मानसून के दौरान ऐसी घटनाएं दोहराई गईं, तो रिहायशी इलाकों, सड़कों और सार्वजनिक ढांचों को भारी नुकसान हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से कमजोर हिस्सों की तुरंत मरम्मत, तकनीकी निरीक्षण और व्यापक सफाई अभियान चलाने की मांग की है। फिलहाल, इलाके में दहशत का माहौल है और लोग स्थायी समाधान का इंतजार कर रहे हैं।