भाखड़ा डैम में जलस्तर में वृद्धि, प्रशासन की चिंता बढ़ी
भाखड़ा डैम का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन की चिंता
मानसून के आगमन से पहले भाखड़ा डैम में जलस्तर में वृद्धि ने प्रशासन की चिंता को बढ़ा दिया है। यह डैम, जो पंजाब और आस-पास के राज्यों के लिए एक महत्वपूर्ण जल स्रोत है, में इस वर्ष पानी का स्तर पिछले साल की तुलना में काफी अधिक है। इस स्थिति को देखते हुए भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) ने सतर्कता बरतते हुए जल प्रबंधन के लिए आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
गोबिंद सागर झील का जलस्तर
शनिवार को गोबिंद सागर झील का जलस्तर 1575.80 फीट दर्ज किया गया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में लगभग 20 फीट अधिक है। जलस्तर में हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन और तकनीकी टीमें स्थिति पर नजर रख रही हैं। हालांकि, अभी तक किसी आपात स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा है, लेकिन मानसून से पहले एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं ताकि भविष्य में किसी भी चुनौती का सामना किया जा सके।
नंगल डैम से पानी की नियंत्रित निकासी
जलस्तर को संतुलित रखने के लिए नंगल डैम से नियमित रूप से पानी छोड़ा जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नंगल हाइडल नहर में 12,350 क्यूसेक, श्री आनंदपुर साहिब हाइडल नहर में 10,150 क्यूसेक और सतलुज नदी में 650 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जा रहा है। यह प्रक्रिया डैम में अतिरिक्त जल भंडारण क्षमता बनाए रखने के लिए अपनाई जा रही है, ताकि मानसून के दौरान आने वाले पानी को आसानी से संभाला जा सके।
मानसून की बारिश पर प्रशासन की नजर
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। हालांकि, यदि हिमाचल प्रदेश के कैचमेंट क्षेत्रों में भारी बारिश होती है, तो जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो सकती है। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए BBMB पहले से तैयारी कर रहा है। साथ ही, किसानों को सिंचाई के लिए भाखड़ा के पानी का अधिक उपयोग करने की सलाह दी गई है। अब सभी की नजर मानसून के सक्रिय होने के बाद बनने वाली स्थिति पर है।