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मलोट में भाजपा कार्यकर्ताओं का पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन

पंजाब के मलोट शहर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता के खिलाफ प्रदर्शन किया। युवा नेता केशव सिडाना ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर भद्दी टिप्पणियाँ की जा रही हैं, जबकि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। धरने के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों की मांगों को सुना और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इस घटना ने राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है।
 

राजनीतिक तनाव के बीच भाजपा का विरोध प्रदर्शन


चंडीगढ़: पंजाब के मुक्तसर जिले के मलोट शहर में राजनीतिक गतिविधियाँ अचानक तेज हो गईं, जब भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सत्ता और प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त करने के लिए सड़कों पर उतरने का निर्णय लिया। एक युवा भाजपा नेता की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मामले में स्थानीय पुलिस की कथित लापरवाही के खिलाफ भाजपा नेताओं ने मिलकर मलोट सिटी पुलिस थाने का घेराव किया। यह विरोध प्रदर्शन झुलसाने वाली गर्मी में शुरू होकर एक बड़े धरने में बदल गया।


पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शन

धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ तीखे नारे लगाए। इस दौरान, भाजपा युवा नेता केशव सिडाना ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पिछले कुछ समय से एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर भद्दी और आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की जा रही हैं।


लिखित शिकायत के बावजूद पुलिस की निष्क्रियता

केशव सिडाना ने आरोप लगाया कि उन्होंने इस साइबर अपराध के संबंध में पुलिस के उच्च अधिकारियों को पहले ही एक लिखित शिकायत दी थी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इस निष्क्रियता के कारण उन्हें धरने पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा।


अधिकारियों की प्रतिक्रिया और धरने का अंत

भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ बढ़ने और स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। डीएसपी मलोट जसपाल सिंह और सिटी थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर वरुण यादव भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की सभी मांगों को ध्यान से सुना और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।


डीएसपी जसपाल सिंह ने आश्वासन दिया कि सोशल मीडिया पर किसी की छवि को धूमिल करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन के बाद भाजपा नेताओं ने धरना समाप्त करने का निर्णय लिया। इस दौरान कई प्रमुख पार्टी पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।