×

मोगा में आवारा कुत्तों के हमले से 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत

मोगा जिले के कपूरे गांव में आवारा कुत्तों के हमले में 50 वर्षीय सरबजीत सिंह की दुखद मृत्यु हो गई। घटना ने गांव में भय का माहौल पैदा कर दिया है, और ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है। मृतक के परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं, जो अब आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब कुत्तों ने हमला किया है, और उन्होंने प्रशासन से ठोस कदम उठाने की अपील की है।
 

मोगा में दर्दनाक घटना


मोगा: मोगा जिले के कपूरे गांव में एक 50 वर्षीय व्यक्ति की आवारा कुत्तों के हमले में दुखद मृत्यु हो गई है। इस घटना ने गांव में भय का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की अपील की है।


मृतक की पहचान

मृतक की पहचान सरबजीत सिंह के रूप में हुई है, जो गांव के एक जमींदार के लिए काम करते थे। घटना की रात, वह धान के खेत में पानी लगाने के बाद अपने घर लौट रहे थे। घर से लगभग 100 मीटर की दूरी पर, अंधेरे में आवारा कुत्तों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।


शव की खोज

कैसे मिला शव?


अगली सुबह, ग्रामीणों ने खेत में सरबजीत सिंह का शव क्षत-विक्षत अवस्था में देखा। इसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घटना की सूचना दी। यह पहली बार नहीं है जब आवारा कुत्तों ने किसी पर हमला किया है, जिससे गांव के लोगों में भय का माहौल है।


ग्रामीणों की चिंताएं

ग्रामीणों ने क्या बताया?


ग्रामीण सुखदेव सिंह और गुरबस्क सिंह ने बताया कि गांव में 35 से 40 आवारा कुत्तों का झुंड है। उनके अनुसार, पहले भी 8 से 10 बार कुत्तों के हमले हो चुके हैं। प्रशासन को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। धान की खेती के मौसम में रात में खेतों में जाना और भी खतरनाक हो गया है।


परिवार की स्थिति

परिजनों ने क्या बताया?


मृतक के परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। परिवार का कहना है कि सरबजीत सिंह ही घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मृत्यु के बाद परिवार आर्थिक संकट में है। उनकी पत्नी रमनदीप कौर ने बताया कि उनके पति रोज की तरह काम पर गए थे और यह हादसा रात में हुआ। उन्होंने सरकार से आर्थिक सहायता और उचित मुआवजे की मांग की है।


आवारा कुत्तों की समस्या

ग्रामीणों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं फिर से हो सकती हैं। फिलहाल, पूरे गांव में डर का माहौल है और लोग रात में खेतों में जाने से घबरा रहे हैं।